गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान किसानों की दशा व दिशा पर प्रोजेक्ट तैयार करेगा। इसके माध्यम से किसान व कृषि के उत्थान पर जोर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के अंतर्गत संचालित छह उपक्रम प्रोजेक्ट तैयार करने में सहयोग करेंगे। इसके लिए दोनों संस्थानों के बीच कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय का कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान विद्यार्थियों को कृषि की पढ़ाई कराने के साथ किसान व कृषि के क्षेत्र में सुधार में अपना योगदान दे रहा है। किसानों को आधुनिक कृषि विधि से अवगत कराने के साथ कृषि के क्षेत्र में हो रहे अपेक्षित सुधार के लिए कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान ने केंद्र सरकार के छह उपक्रमों से सम्पर्क स्थापित किया है। संस्थान किसान व कृषि से जुड़ा प्रपोजल तैयार कर संबंधित उपक्रम के पास भेजेगा। संस्तुति के बाद वह विद्यार्थियों के माध्यम से प्रोजेक्ट तैयार करेगा। प्रोजेक्ट तैयार करने में जो भी खर्च आएगा, उसका भार संबंधित उपक्रम उठाएगा।
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यह उपक्रम करेंगे मदद
गोरखपुर विश्वविद्यालय का कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान व केंद्र सरकार के अंतर्गत संचालित आईआरआरआई, सीम्मेट, उपकार, आईसीआर, रफ्तार और आरकेवीवाई से संपर्क स्थापित किया है।
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सरकार से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रोजेक्ट तैयार करेगा संस्थान
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसान व कृषि को लेकर संचालित योजनाओं पर कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान प्रोजेक्ट तैयार करेगा। संस्थान की ओर से किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री किसान फसल योजना से किसानों को कितना लाभ मिला, इस योजना से उनके जीवन में क्या बदलाव आया आदि पर प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। मोटे अनाज को लेकर किसान क्यों रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उन्हें क्या दिक्कत आ रही है, महिला किसानों की दशा व उनकी जीवन शैली, आधुनिक कृषि विधि आदि से जुड़े विषयों पर वह प्रोजेक्ट तैयार करेंगे।
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कोट
किसानों की दशा व दिशा में सुधार व कृषि क्षेत्र में अपेक्षित सुधार के लिए संस्थान लगातार प्रयासरत है। इसके लिए केंद्र सरकार के अंतर्गत संचालित छह उपक्रमों की मदद से प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के माध्यम से वर्तमान में किसान व कृषि की स्थिति जानने के साथ उनमें अपेक्षित सुधार पर जोर दिया जाएगा।
-डॉ. जीपी राव, निदेशक, कृषि व प्राकृतिक विज्ञान संस्थान गोविवि