तकरीबन 40 साल पहले पुलिस लाइंस की बैरक से चोरी हुई थ्री नॉट थ्री राइफल का आज तक पता नहीं चला। यह राइफल अब चलन में भी नहीं है। तब चोरी होने के बाद हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश राय ने केस दर्ज कराया था और देवरिया जिले से इसकी जांच कराई गई थी। बाद में जांच रिपोर्ट भी गायब हो गई।
तब से केस दर्ज कराने वाले कांस्टेबल का भी कोई अता-पता नहीं है। गोरखपुर पुलिस राइफल और सिपाही को खोजती फिर रही है। पुलिस रिकॉर्ड में केस अब भी जिंदा है। एक बार फिर गोरखपुर पुलिस ने देवरिया पुलिस से पत्राचार कर मदद मांगी है। पुलिस की कोशिश है कि केस किसी तरह से बंद हो जाए।
जानकारी के मुताबिक, नवंबर 1984 में पुलिस लाइंस के बैरक से असलहा चोरी हो गया था। तब हाय-तौबा मची और केस भी दर्ज किया गया। देवरिया जिला पुलिस का असलहा भी तब गोरखपुर में ही रहता था। इस पूरे प्रकरण की जांच तत्कालीन पुलिस अफसरों ने देवरिया में तैनात एक सीओ को सौंप दी थी। जांच कर उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर ली, लेकिन वह पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिल रही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि यह मामला काफी पुराना है। अब जानकारी में आया है। देवरिया पुलिस से भी मदद ली जा रही है। जल्द इसकी फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी, ताकि यह जांच बंद हो सके।
बंद हो चुकी है थ्री नॉट थ्री
पुराने समय में पुलिस के कंधों पर दिखने वाली भारी भरकम थ्री नॉट थ्री बंदूक अब चलन में नहीं है। इसे काफी पहले पुलिस विभाग ने रिटायर कर दिया था। जिले में कुछ पुरानी बंदूकें बची हैं, जिनसे होमगार्ड की ट्रेनिंग कराई जाती है।
इसके अलावा चुनाव के समय में भी थ्री नॉट थ्री होमगार्ड को थमाई जाती है। इसके अलावा थानों व पुलिस लाइंस में तैनात पुलिस कर्मी इंसास राइफल, एक 47 समेत आधुनिक असलहे इस्तेमाल कर रहे हैं। किसी भी थाने में अब थ्री नॉट थ्री देखने को नहीं मिलती है।