रेलवे प्रशासन ने गोंडा ट्रेन हादसे की असली वजह सार्वजनिक करने वाले कीमैन को बर्खास्त कर दिया है। उस पर आरोप भी यही है कि उसने सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से लीक कर दी। आश्चर्यजनक यह है कि शुक्रवार को ही उसे नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा गया और इसी दिन बर्खास्त भी कर दिया गया। हादसे के दिन मोतीगंज-झिलाही स्टेशन के बीच कीमैन आसने ही ड्यूटी पर था।
कीमैन की बर्खास्तगी पर मेंस कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। वहीं कीमैन की पत्नी सरस्वती देवी ने मनकापुर के अधिकारी व इंजीनियर पर पति का उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वरिष्ठ सहायक मंडल इंजीनियर, पूर्व- गोंडा प्रियांजुल शुक्ला ने रेल कर्मचारी नियम, 1968 का हवाला देते हुए कीमैन आसने को नोटिस भेजा था।
इसमें कीमैन को रेल सेवा में बनाए रखना अवांछनीय मानते हुए सेवा से बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव कर 15 दिन के अंदर प्रस्तुत होने के लिए निर्देशित किया है। इसके बाद वरिष्ठ सहायक मंडल इंजीनियर, पूर्व- गोंडा ने कीमैन को तत्काल प्रभाव से रेल सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
बर्खास्तगी वाले आदेश में आरोप लगाया है कि कीमैन 18 जुलाई को झिलाही-मोतीगंज के बीच कार्यरत थे। उसी दिन झिलाही-मोतीगंज के बीच गाड़ी संख्या 15804 डाउन पटरी से उतर गई। कीमैन ने बिना किसी प्राधिकार व अधिकृत सक्षम अधिकारी की अनुमति से मीडिया/सोशल मीडिया में अपना वक्तव्य/ऑडियो रिकार्डिंग वायरल किया।
एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के संरक्षक सुभाष दूबे ने इस पर नाराजी जताई है। उन्होंने कहा है कि कीमैन आसने ने 14 जुलाई को ही जूनियर इंजीनियर रंजन को रेल लाइन में तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी दे दी थी। अगर लाइन पर ध्यान दिया गया होता तो ट्रेन दुर्घटना नहीं होती।
अधिकारियों ने अपनी कमी छिपाने के लिए कीमैन के खिलाफ कार्रवाई की है। मेंस कांग्रेस कीमैन के खिलाफ कार्रवाई की निंदा करती है। कार्रवाई के खिलाफ पुरजोर लड़ाई लड़ेगी। ग्राम एकमा, पोस्ट महुराव, तहसील खजनी, गोरखपुर निवासी आसने की पत्नी सरस्वती देवी ने भी चिट्ठी लिखकर पति की नौकरी को बचाने की गुहार लगाई है। सरस्वती देवी ने कहा है कि मनकापुर के अधिकारी व इंजीनियर उनके पति का उत्पीड़न कर रहे हैं।