देवरिया के जिलाधिकारी पर बुधवार को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरि ने अभद्रता का आरोप लगाया था।बृहस्पतिवार को देवरिया जाकर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष/सदस्य मधुसूदन त्रिपाठी ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच और डीएम के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है।
प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य मधुसूदन त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि वह गुरुवार की सुबह देवरिया में अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों एवं अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मिले और तथ्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स से ही तनख्वाह पाता है। इसलिए उसे जनता का काम सर्वप्रथम करना चाहिए।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरि एक अधिवक्ता की समस्या के समाधान के लिए गए थे परंतु जिलाधिकारी ने उनके साथ अशिष्टता का व्यवहार किया और चेंबर से बाहर निकलने का आदेश दे दिया। उनके इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए वह कम है। पूरे प्रदेश का अधिवक्ता समुदाय जिलाधिकारी के इस कृत्य से आक्रोशित है। अन्यथा प्रदेश का पूरा अधिवक्ता समुदाय एक जुट होकर जिलाधिकारी के खिलाफ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।