संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सिविल कोर्ट परिसर की सड़कें आरसीसी हैं। पुरानी लाल बिल्डिंग के पीछे वाली सड़क पर जलनिकासी न होने से जलभराव होता है। अधिवक्ता शेड के बीच में बने गलियारों की सफाई नियमित नहीं होती है। इससे कूड़े का अंबार लगा रहता है। बारिश के बाद कूड़ा सड़ने लगता है। इससे अधिवक्ताओं को परेशानी होती है। अमर उजाला ने बारिश के बाद की स्थितियों का जायजा लिया और अधिवक्ताओं से बातचीत की। साफ-सफाई पर अधिवक्ताओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त रखे।
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परिसर में सभी सड़कें पक्की हैं। कहीं-कहीं जलभराव होता है। चलते समय जूता भीग जाता है। मुख्य सड़क पर सबका ध्यान होता हैं, लेकिन गलियों की नियमित सफाई की जरूरत है।
-शंभु पासवान, एडवोकेट
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गलियों की सफाई मुंशी से करवानी पड़ती है। कूड़ा फेंकने के लिए सफाईकर्मी नहीं आते। बारिश ने के बाद कई दिन तक कूड़ा सड़ता है और बदबू आती रहती है।
-अरुण पटेल, एडवोकेट
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गलियों की सफाई नियमित होना आवश्यक है। गलियों में सफाईकर्मी काम नहीं करते हैं। बारिश के बाद कूड़ा सड़ने लगता है।
-अजीत सिंह, एडवोकेट
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परिसर का मुख्य मार्ग तो साफ रहता है, लेकिन गलियों में कूड़ों का अंबार होता है। बारिश में चलना दूभर होता है।
-अभिनव त्रिपाठी