कैंपियरगंज तहसील परिसर में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
अधिवक्ता-तहसीलदार विवाद में आया नया मोड़, तहसील कर्मियों ने किया प्रदर्शन
कैंपियरगंज। तहसील प्रशासन के खिलाफ अधिवक्ताओं के चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। अधिवक्ता प्रदर्शन व नारेबाजी करने लगे तो तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह नागवार लगा। तहसील कर्मियों ने बैठक कर संघर्ष समिति का गठन किया और उसके बैनर तले प्रदर्शन किया। इससे तहसील परिसर का माहौल गरमा गया।
बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य गेट का ताला बंद कर प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को तहसील मुख्यालय के कर्मचारी और अधिकारी भी लामबंद हो गए। अधिकारियों-कर्मचारियों ने बैठक कर अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर आपत्ति जताई। उन्होंने अधिवक्ताओं पर दबाव बनाकर गलत कार्य कराने का आरोप लगाया। बैठक में नायब तहसीलदार विजय यादव के नेतृत्व में संघर्ष समिति बनाई गई। इसके बाद अधिकारियों के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पूरे तहसील परिसर में प्रदर्शन नारेबाजी की।तहसीलदार राकेश कुमार कन्नौजिया ने कहा कि अधिवक्ता भ्रष्टाचार के विरोधी हैं तो तहसील प्रशासन भी भ्रष्टाचार मुक्त तहसील चाहता है। उन्होंने कहा कि धारा 24 व 80 का आवदेन सहज सेवा केंद्रों से आनलाइन करें। कहीं भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है।
वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नारायण यादव व मंत्री कमलेश कुमार ने कहा कि बैठक कर निर्णय लिया गया कि शनिवार को कलमबंद हड़ताल रहेगा। सभी अधिवक्ता, स्टैंप बेल्डर, दस्तावेज लेखक सबको अवगत करा दिया गया है कि कल रजिस्ट्री नहीं होगी। जमानत नहीं कराया जायेगा। यहां तक कि दरखास्त नहीं लिखा जाएगा।
उधर, उपजिलाधिकारी पंकज दीक्षित ने कहा कि शांति भंग में चालान लोग सीधे कोर्ट में आएं। वहां बाबू मुचलका भर लेगा और छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैनामा कहीं भी करा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर रजिस्ट्री आफिस भी सहयोग करेगा।