अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला कार्यालय में महिला योग प्रशिक्षिकाओं के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षिकाओं ने योग के फायदे बताए और सभी को इसे अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग तनाव और बीमारियों को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो रहा है। योग के लिए दिन में सिर्फ आधे घंटे देकर मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहा जा सकता है।
योग प्रशिक्षिकाओं ने महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गाें के साथ ही युवाओं के लिए योग की आवश्यकता और उससे होने वाले दीर्घकालिक लाभ पर के बारे में खुलकर चर्चा की। प्रशिक्षिकाओं ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य को दुरूस्त बनाए रखने के लिए उपयोगी बताया। गर्भवती महिलाओं को मलासन, बटरफ्लाई, हनुमानासन आदि को अपनाने की सलाह दी। धर्मशाला की मोनिका मिश्रा ने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है। सदर अस्पताल की योग प्रशिक्षिका डा. पूजा गुप्ता ने कहा कि योग से स्वस्थ रहने के द्वार खुलते है। तारामंडल की नेहा कश्यप ने कहा कि सरवाइकल की समस्या से मुक्ति पाने के लिए भुजंगासन, ताड़ासन हर किसी को करना चाहिए।
कुड़ाघाट की मीरा सिंह ने हर किसी को सूर्य नमस्कार से दिन की शुरुआत करने की सलाह दी। कुड़ाघाट की मैथली शर्मा ने कहा कि सुबह योग करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। बरगदवा की पूजा कश्यप ने कहा बीपी, नियमित योग से थायराइड की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। तारामंडल की रश्मि सिंह ने कहा युवा लड़कियों में सबसे ज्यादा दिक्कत अनियमित माहवारी की समस्या है। भुंजगासन, धनुआसन, चक्रासन, भद्रासन कर इसे समस्या को दूर कर किया जा सकता है।
नगवा जैतपुर की शिखा कुमारी ने कहा कि मोबाइल चलाने से गर्दन की समस्या सबसे ज्यादा लोगों को परेशान कर रही है, सूक्ष्मासन को नियमित करने से दर्द से राहत मिलती है। पादरी बाजार की प्रियंका सिंह कहती हैं कि योग हफ्ते में नियमित रूप से पांच दिन भी करें तो स्वस्थ रहने के लिए काफी है। तारामंडल की श्वेता सिंह कहती हैं युवाओं को तनाव से उभरने के लिए भ्रामरी प्राणायाम जरूर करना चाहिए। तारामंडल की नीलम सिंह कहती है कि नौ साल के बाद बच्चे को योग सिखाएं तो वह अनुशासित रहने के साथ जीवनभर स्वस्थ रहता है।
माया बाजार की नंदनी गुप्ता कहती है कि बुजुर्गाें के लिए प्रायाणाम जरूरी है। शाहपुर की बीना सिंह कहती है कामकाजी लोगों के लिए टाइम निकालना मुश्किल है पर वह अनुलोम-विलोम से दिन की शुरूआत कर सकते हैं। सिविल लाइंस की सुनीता कहती है महिलाओं के लिए योग जरूरी है, पर माहवारी के दौरान पांच दिनों तक योग नहीं करना चाहिए। बशारतपुर की शिखा सिंह कहती है कि योग हर किसी के लिए जरूरी है। बांसगांव की ज्योति सिंह कहती है योग के परिणाम तीन महीने तक लगातार करने पर सामने आते हैं। तारामंडल की सुमन कुशवाहा कहती है योग विश्व की धरोहर है, हर व्यक्ति को योग अपनाना चाहिए।