संगम साड़ी सेंटर में करीब दो करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड कैशियर को बृहस्पतिवार की रात कैंट इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कुशीनगर जनपद के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के रामपुर जंगल छितौनी निवासी रवि प्रताप विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामला गोलघर और गोरखनाथ क्षेत्र में संचालित संगम साड़ी सेंटर और गीता होलसेल मार्ट से जुड़ा है। दुकान संचालिका वंदना टेकरीवाल ने पांच कर्मचारियों पर कैश और सामान की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी थी।
आरोप है कि कर्मचारियों ने मिलकर बिलिंग सॉफ्टवेयर में हेराफेरी की और लंबे समय तक बिल एडिट व डिलीट कर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि कई ग्राहकों को बिल नहीं दिया गया, जबकि कुछ मामलों में सादे कागज पर डुप्लीकेट बिल देकर लेनदेन छिपाया गया।
थाना प्रभारी संजय सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दुकान में कैशियर और सेल्समैन के रूप में कार्य करता था और बिलिंग प्रक्रिया में कूटरचना कर गबन को अंजाम देता था। प्रारंभिक जांच में करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के सामान और नकदी के गबन की पुष्टि की बात सामने आई है।
स्टॉक और बिलिंग रिकॉर्ड के मिलान के दौरान भारी अंतर मिलने पर पूरे मामले का पता चला। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज और धमकी दी और बाद में दुकान छोड़कर भाग गए थे। पुलिस अब शेष आरोपियों की तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।