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मोटरबोट पलटी, बचे 5 लोग: सरयू नदी में दो मोटरबोट की टक्कर, एक ही परिवार के पांच लोग गिरे-नाविकों ने बचाया

Sat, 04 Jul 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बड़हलगंज

सार

बताया जा रहा है कि नदी के बीच पहुंचने पर उनकी मोटरबोट दूसरी मोटरबोट से टकरा गई। टक्कर के बाद बोट असंतुलित होकर पलट गई और नाविक समेत सभी लोग नदी में गिर पड़े। घटना से घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घाट पर मौजूद चालक धर्मेंद्र, नागेंद्र और निर्भय तत्काल अपनी मोटरबोट लेकर नदी में पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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सरयू नदी में मोटरबोट पलटने से एक ही परिवार के बचाए गए पांच लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बड़हलगंज के उपनगर में सरयू नदी के मुक्तिपथ रामकवल शाही घाट पर शुक्रवार सुबह मोटरबोट पलटने से अफरा-तफरी मच गई। मोटरबोट पर सवार एक ही परिवार के पांच सदस्य नदी में गिर गए। हालांकि सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। घाट पर मौजूद नाविकों की तत्परता और सूझबूझ से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसा दो मोटरबोट के टकराने से हुआ।

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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:15 बजे गगहा क्षेत्र के गरयाकोल निवासी दीपक साहनी अपने परिवार के साथ एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने बड़हलगंज आए थे। इसी दौरान दीपक साहनी, उनकी पत्नी रिंकी साहनी, बहन सीमा, बहनोई सुनील और भांजा यश मोटरबोट से सरयू नदी की सैर के लिए निकले थे।

बताया जा रहा है कि नदी के बीच पहुंचने पर उनकी मोटरबोट दूसरी मोटरबोट से टकरा गई। टक्कर के बाद बोट असंतुलित होकर पलट गई और नाविक समेत सभी लोग नदी में गिर पड़े। घटना से घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घाट पर मौजूद चालक धर्मेंद्र, नागेंद्र और निर्भय तत्काल अपनी मोटरबोट लेकर नदी में पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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मौके पर मौजूद आपदा मित्र घनश्याम और सुरीन ने भी मदद की। उधर, घटना की सूचना मिलते ही मुक्तिपथ व्यवस्थापक महेश उमर रामकवल शाही घाट पहुंचे। उन्होंने सुरक्षित बचाए गए लोगों का हालचाल लिया और साहस व तत्परता दिखाने वाले नाविकों की सराहना की। सूचना पर एसडीएम अमित जायसवाल और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामकवल शाही घाट पर छह से अधिक मोटरबोट संचालित होती हैं। लोगों का कहना है कि अधिकांश चालकों के पास मोटरबोट संचालन का मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्र नहीं है। इस घटना के बाद घाट पर सुरक्षा मानकों और मोटरबोट संचालन की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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