दीवानी कचहरी परिसर से सोमवार को फरार हत्या के आरोपी बंदी सोनू को कैंट पुलिस ने मंगलवार की सुबह बस्ती जिले में उसकी बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया। फरार होने के बाद वह बस व ऑटो से बहन के घर पहुंचा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सिकरीगंज के बारीगांव में रहने वाले सोनू सिंह ने आठ जनवरी 2021 को रुपये के बंटवारे को लेकर विवाद होने पर चचेरे भाई उमेश सिंह की मदद से बड़े भाई बालेंद्र सिंह की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सिकरीगंज पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भिजवाया था।
आठ मई 2022 को तत्कालीन थानेदार दीपक सिंह ने सोनू व देवेंद्र के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया था। देवेंद्र सिंह को जमानत मिल गई जबकि सोनू जेल में ही था।
सोमवार को एंटी करप्शन कोर्ट नंबर चार में दोनों की पेशी थी। जेल से पेशी पर आया सोनू सिपाही राजरतन को चकमा देकर कचहरी परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर ने सिपाही को निलंबित कर दिया। देर रात लाॅकअप प्रभारी ने इस मामले में सिपाही राजरतन व फरार बंदी सोनू सिंह के विरुद्ध केस दर्ज कराया था।
दो घंटे देर से सिपाही ने दी थी सूचना
बंदी के भागने के बाद सिपाही राजरतन ने दो घंटे तक किसी को सूचना नहीं दी थी। वह खुद ही परेशान हाल बंदी की तलाश कचहरी में करता रहा। जब लाॅकअप में गिनती शुरू हुई तो एक बंदी कम मिला। तब राजरतन ने बताया कि सोनू गायब है। कैंट पुलिस का कहना है कि अगर सिपाही ने तत्काल सूचना दी होती तो कुछ ही घंटों में वह पकड़ लिया गया होता।
सोनू से नहीं आता था कोई मिलने
भाई की हत्या के आरोप में जेल काट रहे सोनू सिंह से कोई मिलने नहीं आता था। भाई की हत्या का आरोप लगने के बाद उसका समाज व रिश्तेदारी से बहिष्कार हो गया था। बताया जा रहा है कि केस लड़ने के लिए उसके पास कोई वकील भी नहीं है। इस कारण वह अवसाद में चला गया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि कचहरी से फरार होने के बाद बंदी सोनू बस्ती जिले के रुधौली थानाक्षेत्र स्थित सुरवार खुर्द गांव में रहने वाली बहन के घर गया था। तलाश में जुटी कैंट थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।