संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर लिटरेरी फेस्ट के दूसरे सत्र ''''नई कलम नया आसमान'''' में लेखिका विनीता अस्थाना ने कहा-मेरी कलम पत्रकारिता के नजरिए से चलती है। समसामयिक मुद्दों और खबरों से मेरा लेखन प्रभावित होता है। व्यंग्य लेखक, पब्लिक स्पीकर और शौकिया फोटोग्राफर नवीन चौधरी ने कहा कि कॉरपोरेट और मैनेजमेंट जगत के अनुभवों से व्यंग्य लेखन की प्रेरणा मिली। आज का साहित्य केवल ब्रांडिंग या पब्लिसिटी पर ही लोकप्रिय नहीं होता बल्कि कंटेंट भी बहुत जरूरी है।
शिक्षक, कहानीकार, लेखक एवं स्तंभकार प्रवीण कुमार ने कहा कि भूमंडलीकरण इतिहास की प्रक्रिया है उसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन उसके अंदर औपनिवेशिक शक्तियों का प्रतिकार ज़रूरी है। सरकार बदलने से लेखक का लेखन नहीं बदलना चाहिए। धारा को तुष्ट करने की बजाय समस्याओं को केंद्रित करना जरूरी है। समस्याओं पर अगर साहित्यकार और पत्रकार नहीं लिखेगा तो कौन लिखेगा। सत्र के मॉडरेटर वैभव मणि त्रिपाठी रहे और संचालन दिवाकर चतुर्वेदी ने किया।