पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) योजना के तहत स्वरोजगार शुरू कराने का झांसा देकर 22.39 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अशोक नगर दक्षिणी निवासी सीमा शाही की शिकायत पर गोरखनाथ पुलिस ने एक फर्म संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़िता सीमा शाही के अनुसार, वर्ष 2023 में उनकी पहचान फारुख अब्दुल्लाह से हुई। आरोपी ने खुद को मेसर्स एएच इंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर बताते हुए पीएमईजीपी योजना के तहत ड्राई फ्रूट्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया। उसने बड़ौदा यूपी बैंक से लोन दिलाने, मशीनरी सप्लाई कराने और पूरा प्लांट स्थापित कराने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि जालसाज की बातों में आकर सीमा शाही ने 18 दिसंबर 2023 को मशीनरी सप्लाई की कोटेशन ली। इसके बाद 26 दिसंबर 2023 को आरोपी की फर्म के आईडीबीआई पार्ट बैंक खाते में यूटीआर नंबर के माध्यम से 22 लाख 39 हजार 600 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रकम मिलने के बाद आरोपी ने 15 दिन के भीतर मशीनरी सप्लाई करने का आश्वासन दिया लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद न तो मशीनरी दी गई और न ही किसी प्रकार का कार्य शुरू कराया गया। वहीं, बैंक की ओर से लोन की किश्तों को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वह मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रही हैं।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने आरोपी से मशीनरी या रकम वापस करने की मांग की तो पहले टालमटोल किया गया और बाद में जान से मारने की धमकी दी गई। थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई। न्यायालय के निर्देश पर गोरखनाथ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
थाना प्रभारी शशि भूषण राय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।