पीड़ित पिता ने बताया कि बेटे की मौत के वियोग में मां गायत्री देवी की भी मौत हो गई। थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से आदेश के बाद मामले में आरोपी अमृता,कपिलदेव,सोनू, मोनू ,कन्हैया, शकुंतला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
पीपगंज थाना क्षेत्र के एकमा गांव निवासी जगदीश अग्रहरि (61) ने अपने बेटे मनीष (25) की शादी सिद्धार्थनगर की अमृता से की थी। हिंदू रीति रिवाज के तहत 2 मई 2023 को विवाह संपन्न हुआ थाा। 3 दिन बाद विदाई करवाकर बहु पीपीगंज आ गई थी। लेकिन, विवाह के कुछ समय बाद ही उन दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई।
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इसके बाद अमृता अपने मायके चली गई। परिजनों के समझाने के बाद दोनों सुलह की बात होने लगी। साथ ही दोनों पति पत्नी बात भी करने लगे। उसके कुछ समय बाद 30 अगस्त को 2023 को मनीष अपने ससुराल गया, जहां आरोप है कि उसकी पत्नी अमृता उसके पिता कपिलदेव, सोनू ,मोनू, शकुन्तला,कन्हैया ने उसपर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते केस दर्ज कराने की धमकी दी और बेटे को मारपीट कर अपमानित कर दिया।
किसी तरह वो वापस अपने घर पीपीगंज पहुंचा और घरवालों को पूरी बात बताई। पिता ने बताया कि उसी समय हमने बेटे को समझाया और थाने पर जाकर तहरीर देकर केस दर्ज कराने की मांग की। इस दौरान थाने की तरफ से उन्हें वापस भगा दिया गया।
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इसी बीच एक सितंबर को पत्नी से बात करने के दौरान अचानक वो नाराज होकर चिल्लाने लगा और फोन जमीन पर पटकर तोड़ दिया और रोने लगा। इसके बाद रात 8 बजे बेटे ने जहर खा लिया। हालत खराब होने पर परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज और लखनऊ पीजीआई गए, लेकिन इलाज के दौरान बेटे की मौत हो गई।
बेटे का वियोग बर्दाश्त नहीं कर पाने से 31 जनवरी 2024 को मां गायत्री देवी की भी मौत हो गई। मामले में पीड़ित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से आदेश के बाद मामले में आरोपी अमृता,कपिलदेव,सोनू, मोनू ,कन्हैया, शकुंतला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।