दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 72 कॉलेजों ने पिछले तीन वर्षों में छात्रों और जमा शुल्क का डाटा नहीं दिया है। विश्वविद्यालय ने इन्हें छठवीं बार नोटिस देकर 26 जून तक ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इसे नहीं जमा किया गया तो संबद्धता खत्म की जा सकती है।
विश्वविद्यालय को पिछले तीन वर्षों में कॉलेजों की ओर से जमा किए गए शुल्क में वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले हैं। इसके बाद ही संबद्ध कॉलेजों को छह अप्रैल को पत्र लिखकर सत्र 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में विभिन्न मद में जमा किए धन का विस्तृत ब्योरा 15 अप्रैल तक मांगा गया था। दूसरा नोटिस 16 अप्रैल, तीसरी 27 अप्रैल, चौथा सात मई, पांचवां नोटिस 15 मई को दिया गया। अब छठवीं बार नोटिस 22 जून को दिया गया है। विवरण नहीं देने वाले 72 कॉलेजों से 26 जून तक ब्योरा मांगा गया है।
कई अनुदानित कॉलेजों ने भी नहीं दिया ब्योरा
जिन 72 कॉलेजों ने शुल्क का ब्योरा नहीं दिया है, उसमें सेल्फ फाइनेंस के साथ-साथ अनुदानित कॉलेज भी शामिल हैं। सभी कॉलेजों से किस सत्र में कक्षा यूजी, पीजी, वार्षिक, सेमेस्टर, सीबीसीएस में कितने विद्यार्थी थे? कितने छात्र संस्थागत व कितने व्यक्तिगत थे? जमा धनराशि, चालान संख्या (साक्ष्य सहित), ट्रांजेक्शन का माध्यम (साक्ष्य सहित) मांगा गया है। कॉलेजों से मिली रिपोर्ट के आधार पर मिलान किया जाना है। अभी तक मिले डाटा का मिलान शुरू भी हो चुका है।
कॉलेजों से पिछले तीन वर्षों में जमा की गई धनराशि का ब्योरा मांगा गया था। इसमें से 269 कॉलेजों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है। बाकी बचे 72 कॉलेजों को छठवीं बार रिमाइंडर भेजकर 26 जून तक ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद भी यदि इन्होंने ब्योरा नहीं दिया तो उन कॉलेजों में विद्यार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
- प्रो. शांतनु रस्तोगी,
कुलसचिव