बीएड में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की अरुचि से कालेज प्रबंधन निराश
- कॉलेजों को दिया गया सीधे प्रवेश लेने का अवसर, प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीएड में प्रवेश के लिए तीन चरण की काउंसिलिंग और पूल काउंसिलिंग सम्पन्न हो चुकी है, बावजूद इसके गोरखपुर विश्वविद्याल से संबद्ध कालेजों की 62 प्रतिशत सीटें नहीं भर सकी हैं। ऐसे में अब कॉलेजों को सीधे प्रवेश लेने का अवसर दिया गया है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि काउंसिलिंग में बीएड प्रवेश की स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन काफी निराश हैं। ज्यादातर कालेजों ने अब प्रवेश की स्थिति सुधरने की उम्मीद भी छोड़ दी है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के संयोजन में आयोजित पहले चरण की काउंसिलिंग से ही बीएड को लेकर अभ्यर्थियों की अरुचि सामने आने लगी थी। पहले चरण में तो कई कॉलेजों में प्रवेश का खाता भी नहीं खुल सका था। ज्यादातर कॉलेज पांच से 10 प्रवेश तक सिमट कर रह गए थे। उम्मीद थी कि काउंसिलिंग का चरण बढ़ने के बाद स्थिति सुधरेगी लेकिन तीन चरण की काउंसिलिंग में तो प्रवेश की स्थिति खराब रही ही, पूल काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए भी बहुत ही कम छात्र पहुंचे।
ऐसे में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 100 बीएड कॉलेजों की 8605 सीटों के सापेक्ष मात्र 3300 सीटों पर ही प्रवेश संभव हो सका। विश्वविद्यालय से संबद्ध गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिले के बीएड कालेजों की 5305 सीटें रिक्त रह गईं। केवल विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध पांच वित्तपोषित कॉलेज ही ऐसे रहे, जिनकी सभी 300 सीटें भर गईं। यानी 95 स्व-वित्तपोषित कालेजों के हिस्से मात्र 3000 प्रवेश ही आए हैं। अब आयोजक विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को सीधे प्रवेश का अवसर दिया है।
11 नवंबर तक कॉलेजों में सीधे प्रवेश का अवसर
बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को सीधे प्रवेश लेने के लिए 11 नवंबर तक अवसर दिया है। उधर प्रवेश को लेकर अभ्यर्थियों की अरुचि को देखते हुए स्व-वित्तपोषित कॉलेज प्रबंधन ने इस तिथि को 10 दिन और बढ़ाने की मांग की है। कॉलेज सीधे प्रवेश उन्हीं अभ्यर्थियों का ले सकेंगे, जिन्होंने बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग किया है।
बीएड सीटों और प्रवेश की स्थिति
गोवि सहित बीएड कालेजों की संख्या : 101
गोवि व बीएड कालेजों की कुल सीटें : 8605
गोवि व बीएड कालेजों की कुल भरी सीटें : 3300
गोवि सहित पांच वित्तपोषित कालेजों की सीटें : 300
गोवि सहित पांच वित्तपोषित कालेजों की भरी सीटें : 300
स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीएड कुल सीटें : 8305
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय में बीएड की भरी सीटें : 3000
स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीएड की खाली सीटें : 5305
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चिंताजनक है प्रवेश की स्थिति : डॉ. सुधीर राय
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा के महामंत्री डॉ. सुधीर कुमार राय ने बताया कि तीन चरण की काउंसिलिंग और पूल कांउसिलिंग के बाद भी बीएड सीटों पर प्रवेश की स्थिति चिंताजनक है। इसे लेकर निराशा की स्थिति है। अब कॉलेज सीधे प्रवेश को लेकर मिले अवसर का लाभ उठाने में जुटे हैं। इसके अलावा सीधे प्रवेश की तिथि 10 दिन विस्तारित करने का अनुरोध भी प्रवेश परीक्षा के आयोजक बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से किया गया है।