विश्व ब्लड कैंसर दिवस आज
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फोटो- डॉ. सौरभ मिश्रा
लिंफोमा, ल्यूकेमिया दोनों तरह के ब्लड कैंसर बच्चों में मिल रहे
सही समय पर जानकारी न होने से 20 से 30 फीसदी मरीजों की जा रही जान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जेनेटिक म्यूटेशन (जीन में हो रहे बदलाव) में हो रहे बदलाव के कारण पूर्वांचल के 50 फीसदी बच्चे ब्लड कैंसर के शिकार हो रहे हैं। इन बच्चों में लिंफोमा और ल्यूकेमिया दोनों तरह के कैंसर मिल रहे हैं। इन बच्चों की उम्र तीन से लेकर 15 वर्ष है। चिंता की बात यह है कि इसमें 20 से 30 फीसदी बच्चों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से ऐसे मरीजों की मौत हो रही है।
ब्लड कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ मिश्रा ने बताया कि आम तौर पर ब्लड कैंसर के मामले पहले युवाओं और बुजुर्गाें में देखने को मिलते थे। लेकिन, अब यह बीमारी बच्चों में भी युवाओं और बुजुर्गाें की तरह देखने को मिल रही है। युवाओं और बुजुर्गाें में ब्लड कैंसर के कई कारण है, जैसे कई सालों से केमिकल युक्त खाना खाना, यूरिया फैक्ट्री में काम करना, लगातार ऐसे स्थानों पर काम करना जहां प्रदूषण अधिक होते हैं। लेकिन, बच्चों में कैंसर का बड़ा कारण जेनेटिक म्यूटेशन है। पूर्वांचल में से आने वाले ब्लड कैंसर पीड़ित बच्चों की हिस्ट्री जांची गई तो चला कि इनके परिवार में कोई न कोई कैंसर का मरीज रहा है। वह मरीज ब्लड कैंसर से जुड़ा नहीं था। बताया कि सही समय पर ब्लड कैंसर पीड़ित मरीजों का इलाज शुरू हो जाए तो 70 से 80 फीसदी मरीजों को बचाया जा सकता है। लेकिन, लोगों को इसकी सही जानकारी नहीं हो पा रही है, जिसके कारण 20 से 30 फीसदी ब्लड कैंसर पीड़ित मरीजों की जान जा रही है।
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ब्लड कैंसर में एक्टू स्टेज में 15 दिनों में ही दिखने लगता है लक्षण
डॉ. सौरभ मिश्रा ने बताया कि ल्यूकेमिया अगर मरीज एक्यूट स्टेज में पहुंच जाता है, तो ज्यादा जानलेवा है। इसमें मरीज के शरीर के अंदर 15 दिनों के ही अंदर बदलाव दिखने लगते हैं। कमजोरी के साथ मरीज के खून में कमी, संक्रमण होने के बाद दवा अगर चल रही है और बार-बार संक्रमण हो जा रहा है। शरीर में 15 से 20 दिनों के अंदर खून की काफी कमी हो जाए तो यह एक्यूट स्टेज है, जो ज्यादा खतरनाक है। वहीं, दूसरे स्टेज को क्रोनिक बोलते हैं। इसमें लक्षण दिखने में छह माह लगते हैं। एक्यूट के भी लक्षण क्रोनिक की तरह ही होते हैं।
जोड़ों में तेज तो कभी धीरे-धीरे हो दर्द तो कैंसर के लक्षण
डॉ. सौरभ ने बताया कि ल्यूकेमिया कैंसर बोन मैरो (अस्थिमज्जा) में शुरू होता है और इसका कारण श्वेत रक्त कोशिकाओं का असामान्य होना है। यह ब्लड कैंसर का सबसे सामान्य लक्षण है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसमें जोड़ों में कभी तेज तो कभी धीरे-धीरे दर्द होता है। इसी तरह लिंफोमा कैंसर शरीर की लसिका तंत्र में होता है। लिंफोमा कैंसर ज्यादा खतरनाक होता है।