गोरखपुर। पांच वर्षों में एचआईवी से ग्रसित 480 टीबी मरीजों के इलाज से इनमें से 425 अब टीबी मुक्त हो चुके हैं। 55 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। टीबी की पहचान होने पर प्रत्येक मरीज की एचआईवी जांच अनिवार्य है। इसी प्रकार एचआईवी के प्रत्येक मरीज की भी टीबी जांच होती है।
जिला क्षय और एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ गणेश यादव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक टीबी मरीज की एचआईवी जांच करवाता है। एचआईवी की पुष्टि होने पर टीबी और एचआईवी की दवा साथ साथ चलती है। ऐसा करने से टीबी मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और उसका जटिलताओं से भी बचाव होता है। ब्यूरो