शहर के दुर्गाबाड़ी, राप्तीनगर, मोहद्दीपुर और इंडस्ट्रियल एरिया उपकेंद्रों पर लोड अधिक है। शहर के अति व्यस्त इलाके में बिजली आपूर्ति करने वाले इन उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 40 हजार उपभोक्ता गर्मी के दिनों में लो वोल्टेज व कटौती से परेशान रहते हैं। इसके अलावा शहर में 40 ट्रांसफाॅर्मर ऐसे हैं, जो पहले से ओवरलोड हैं। क्षमता वृद्धि कर इन्हें लगाया जाएगा।
शहर की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चार उपकेंद्रों दुर्गाबाड़ी, राप्ती नगर ओल्ड, मोहद्दीपुर व इंड्रस्ट्रियल एरिया के पाॅवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे इलाके के लगभग 40 हजार उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज व बिजली कटौती की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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वहीं, टाउनहाॅल से जिला अस्पताल तक खंभे हटाकर 33 हजार वोल्ट के केबिल को अंडरग्राउंड बिछाया जाएगा। इससे सुरक्षा के साथ-साथ सड़क से अतिक्रमण भी हटेगा। इन कार्यों के लिए जल्द ही कार्यदायी संस्था नामित कर कार्य शुरू कराया जाएगा।
शहर के दुर्गाबाड़ी, राप्तीनगर, मोहद्दीपुर और इंडस्ट्रियल एरिया उपकेंद्रों पर लोड अधिक है। शहर के अति व्यस्त इलाके में बिजली आपूर्ति करने वाले इन उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 40 हजार उपभोक्ता गर्मी के दिनों में लो वोल्टेज व कटौती से परेशान रहते हैं। इसके अलावा शहर में 40 ट्रांसफाॅर्मर ऐसे हैं, जो पहले से ओवरलोड हैं। इनसे जुड़े उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए क्षमता वृद्धि आवश्यक है।
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दुर्गाबाड़ी व राप्तीनगर के उपकेंद्र में 20 एमवीए की जगह 30 एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे। वहीं मोहद्दीपुर व इंड्रस्ट्रियल एरिया उपकेंद्र की क्षमता 10 एमवीए से बढ़ाकर 20 एमवीए की जाएगी। इस पर 7 करोड़ 15 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही 250 केवीए के 40 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे। इस पर 5 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला अस्पताल से टाउनहॉल तक 33 हजार वोल्ट के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
औद्योगिक क्षेत्र में भी सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इसके लिए सभी जर्जर एलटी तारों को बदला जाएगा। नया आरएमयू लगाने के साथ ही बंच केबिल को भी बदलने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही नई लाइन का निर्माण कार्य भी किया जाएगा। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुल छह योजनाओं को शासन में भेजा गया था, जिसको मंजूर करते हुए 27.07 करोड़ की धनराशि बिजली निगम को मिली है। बहुत जल्द ही इन सभी कार्यों को शुरू कर दिया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि लोकल फॉल्ट व लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए योजना बनाकर शासन को भेजी गई थी। शासन ने योजना को मंजूर करते हुए 27.07 करोड़ अवमुक्त किए हैं। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरा कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।