गोरखपुर। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन निरस्त होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सदर तहसील में डेढ़ माह में 3252 आवेदन निरस्त हो गए हैं। इन्हें दोबारा आवेदन करना पड़ रहा है। इनमें कुछ लोग शिकायतें भी कर रहे हैं, लेकिन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए दूसरी बार आवेदन करना ही विकल्प है।
कुछ आवेदनों में राजस्वकर्मियों की लापरवाही से दिक्कतें आ रही हैं तो कुछ मामलों में जनसेवा केंद्रों से गलत जानकारी अपलोड की जा रही है। आठ फरवरी से ही आधार कार्ड आधारित ओटीपी के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिनके आधार काॅर्ड में नाम में त्रुटियां हैं, उनके आवेदन भी अटक जा रहे हैं। जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के बिना लोगों के काम भी अटक रहे हैं, लेकिन प्रमाणपत्र मिलने की राह आसान नहीं हो पा रही है।
एक फरवरी से 13 मार्च तक जाति और आय प्रमाण के लिए 18931 आवेदन हुए थे, इनमें 2373 आवेदन निरस्त हो गए। इनमें 1181 जाति और 1192 आय के आवेदन निरस्त हुए हैं। 10,070 आवेदन जाति के लंबित हैं। इसी प्रकार निवास प्रमाण पत्र के 1188 आवेदन लंबित हैं। डेढ़ माह में 6682 लोगों ने निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, जिनमें 779 लोगों के आवेदन रिजेक्ट हो गए हैं।
इस कारण निरस्त हो रहे हैं आवेदन
राजस्व कर्मियों के फोल्डर में निर्धारित समय से अधिक दिन तक आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, इस कारण पर्याप्त साक्ष्य या जानकारी के अभाव में आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में अधूरी जानकारी भी आवेदन रिजेक्ट होने का कारण बन रही है।
राजस्व विभाग में राजस्व गांव लिखना चाहिए, लेकिन कुछ लोग पत्राचार का स्थानीय पता भरकर भी मायूस हो रहे हैं। जिन लोगों का आवेदन रिजेक्ट हुआ है, उनमें कम लोग ही शिकायत कर रहे हैं।
तहसीलदार सदर विकास सिंह ने बताया फोल्डर में रिपोर्ट लगाने के दौरान कभी कभी आवेदकों से संपर्क नहीं हो पाता है तो अपूर्ण साक्ष्य और जानकारी नहीं मिल पाती है। जिन लोगों के फोल्डर में अधिक संख्या में आवेदन रिजेक्ट होंगे, उनसे जवाब मांगा जाएगा।
जाति- 1181
आय- 1192
निवास- 779