गीडा क्षेत्र में नई फैक्टरियां लगाने के लिए अब जगह कम पड़ने लगी हैं। केवल पिछले साल ही यहां करीब 8800 करोड़ का निवेश हो चुका है। एमओयू और गैर एमओयू मिलाकर 318 कंपनियां यहां आ चुकी हैं। इनमें से कुछ ने उत्पादन शुरू कर दिया तो कुछ उद्घाटन के इंतजार में हैं। करीब 100 कंपनियां ऐसी हैं, जिनको जमीन का आवंटन हो चुका है और वे फैक्टरी स्थापित करने के प्रयास में हैं। इन सभी कंपनियों को लखनऊ में होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की स्थापना 34 साल पहले हुई थी। तब करीब 1300 एकड़ में फैले इस क्षेत्र में इक्का-दुक्का फैक्टरियों की ही स्थापना हुई थी। ज्यादातर ने जमीन की बाउंड्री कराकर छोड़ा हुआ था, लेकिन योगी सरकार बनने के बाद पिछले पांच साल में यहां तेजी से माहौल बदला है। पिछले साल फरवरी में हुए एमओयू के बाद गीडा प्रशासन ने उद्यमियों से व्यक्ति मिलकर उन्हें उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
नतीजा यह रहा कि पिछले साल ही करीब 8800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के सापेक्ष सभी 318 कंपनियाें को जमीन आवंटित कर दी गई। गीडा के विशेष कार्याधिकारी व एसडीएम अनुपम मिश्र व प्रबंधक प्रशासनिक एनके जायसवाल बताते हैं कि अब हर महीने किसी न किसी बड़ी कंपनी का शिलान्यास या उद्घाटन हो रहा है। तत्वा प्लास्टिक, ज्ञान डेयरी, अंकुर उद्योग समेत कई बड़ी कंपनियां अपना उत्पाद शुरू कर चुकी हैं। पेप्सिको का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा एसडी इंटरनेशनल और टेक्नो प्लास्ट जैसी कई अन्य कंपनियां भी शिलान्यास के इंतजार में है।
अदाणी-लुलु से और बनेगा माहौल
गीडा प्रशासन की कोशिश है कि अदाणी समूह जैसे बड़े ग्रुप की फैक्टरी का शिलान्यास कराया जाए। इससे अन्य उद्यमियों में भी गोरखपुर को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। दरअसल यहां सबसे बड़ी सहूलियत जमीन को लेकर है।
गीडा के बाद अब लिंक एक्सप्रेस-वे और धुरियापार का औद्योगिक क्षेत्र ऐसा है जहां करीब डेढ़ हजार एकड़ जमीन तत्काल आवंटन के लिए उपलब्ध है। प्रशासन ने प्रयास कर अदाणी समूह को धुरियापार में सीमेंट फैक्टरी लगाने और लुलु माल को कालेसर जीरो प्वाइंट पर अपना मॉल खोलने के लिए राजी कर लिया है। इन दोनों के गीडा आने से माहौल
और सकारात्मक बनेगा।
सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि गीडा क्षेत्र में लगातार नए उद्योगों की स्थापना हो रही है। गीडा के बाद अब उद्यमियों को लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक गलियारे में जमीन आवंटित की जा रही है। इसके अलावा धुरियापार में भी जगह है। गीडा में इस साल जिन 318 उद्योगों ने निवेश किया है, उन सभी को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में बुलाया जा रहा है।