विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब नए मतदाता बनाने पर जोर है। जिले में अब तक 30 हजार लोगों ने मतदाता बनने के लिए आवेदन किया है। वहीं, डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 80 फीसदी मैपिंग भी हो गई है। जबकि, नाम कटने वाले 17 फीसदी मतदाताओं का दोबारा सत्यापन का भी काम चल रहा है।
चुनाव आयोग ने एसआईएस की अवधि बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दिया है। अब इस दिन तक नए मतदाता बनवाने के लिए फॉर्म भरवाकर जमा किए जाएंगे। एक जनवरी 2026 को 18 साल की आयु पूर्ण कर चुके हों या कर रहे हों और नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो मतदाता बनने का मौका है। इसके लिए फॉर्म-छह भरना होगा।
वहीं, स्थानांतरित होने के कारण गणना प्रपत्र न भर पाने अथवा 2025 की मतदाता सूची में नाम दर्ज न होने वाले लोगों को घोषणा पत्र और तय अभिलेखों के साथ फॉर्म-6 भरना है। नए मतदाता बनने के लिए वेब पोर्टल voters.ecl.gov.in ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए घोषणा पत्र के साथ नाम-पते का एक दस्तावेज भी देना होगा।
इसके अलावा जिन मतदाताओं ने फॉर्म में ही ब्योरा भरा है। मतदान केंद्र के हिसाब से उनकी मैपिंग की जा रही है। ऐसे मतदाताओं को नोटिस देकर कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। जबकि, जिन लोगों का नाम एएसडी कटेगरी में है उनके नाम को दोबारा सत्यापन हो रहा है। इनमें 1.25 लाख मृतक मतदाता हैं और इनका नाम सूची में दर्ज था। इसके अलावा 2.5 लाख मतदाता शिफ्ट हो गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जिले में कुल 36.66 लाख मतदाता थे इसमें 6.46 लाख बोगस मतदाता मिले हैं। अब इन मतदाताओं के बारे में दोबारा सत्यापन करवाया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। 30 हजार नए मतदाता बनने के लिए आवेदन मिले हैं। नए मतदाता बनने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से फाॅर्म भरा जा सकता है।