जिले की विभिन्न नदियों पर बने तटबंधों पर कटान निरोधक कार्य के लिए 27 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं पर 142.88 करोड़ की लागत आएगी। इससे 10.31 लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
जल शक्ति मंत्री व बाढ़ नियंत्रण विभाग की अध्यक्षता में राज्य बाढ़ नियंत्रण परिषद की स्थायी संचालन समिति की बैठक में परियोजना की स्वीकृति मिली है।
इन परियोजनाओं पर कार्य अब तक शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक इसका टेंडर नहीं हो पाया है। देर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने पर काम में विलंब होगा। बाढ़ बचाव का कार्य करने के लिए जिले में गंडक जोन के अंतर्गत तीन डिवीजन कार्य करते हैं।
अलग-अलग डिवीजन के लिए अलग-अलग परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। बाढ़ खंड में 13 परियोजनाओं, ड्रेनेज खंड की 06 तथा बाढ़ खंड-2 की 08 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।
स्वीकृत परियोजनाएं
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित बढ़या कोठा तटबंध के ग्राम एकमा के समीप कटान निरोधक कार्य की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इस पर 487.44 लाख की लागत आएगी।
रोहिन नदी के दाएं तट पर स्थित मानीराम -डोमिनगढ़ तटबंध पर पिचिंग की परियोजना को स्वीकृति। इस पर 841.00 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित बेलसर-रिगौली तटबंध पर कटान निरोधक परियोजना के लिए 282.10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
राप्ती नदी पर पनघटिया-करमैनी तटबंध पर ग्रामसभा चकदहा के कटान निरोधक परियोजना स्वीकृत है। इस पर 282.10 लाख की लागत आएगी।
सरयू नदी के बाएं तट पर बगहा देवार, ज्ञानकोल, कोलखास, दिस्तौलिया के कटान निरोधक कार्य की परियोजना स्वीकृत की गई है। इस पर 2494.44 लाख की लागत आएगी।
राप्ती नदी के तट पर ग्रामसमूह, जगदीशपुर, मोहन पौहरिया, व सूबेदारनगर के कटान निरोधक कार्य कराने के लिए 610.91 की परियोजना स्वीकृत की गई है। इस तरह से कुल 27 परियोजनाएं स्वीकृत हैं।
स्टेयरिंग कमेटी की बैठक सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में होती है। इसमें जिले की कटान निरोधक 27 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। स्टेयरिंग की बैठक के बाद स्वीकृति के लिए वित्त विभाग में जाता है, वहां से मुख्यमंत्री के पास फाइल जाती है। फाइल मुख्यमंत्री के वहां है, एक दो दिन में वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी:
विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग