दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश के लिए पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी रुचि दिखाई है। शोध पात्रता परीक्षा-2025 (रेट) के लिए देश के लगभग सभी हिस्सों से आवेदन आए हैं। दूसरे राज्यों के कुल 257 व नेपाल से 12 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
डीडीयू में कुछ वर्षों पहले तक उच्च शिक्षा के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के विद्यार्थी ही प्राय: आते थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बदलते दौर के हिसाब से बदलाव किया तो उसका असर भी अब दिखने लगा है। पीएचडी में आए आवेदनों से डीडीयू की उस धारणा को मजबूती मिली है, जिसमें वह देश के शीर्ष संस्थानों में शुमार होने का दावा करता है।
31 अभ्यर्थियों ने दो विषयों से किया आवेदन
पीएचडी में प्रवेश के लिए कुल 31 अभ्यर्थियों ने दो विषयों से आवेदन किया है। तीन ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने तीन-तीन विषयों में शोध पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन किया है। पीएचडी में किसी एक ही विषय में प्रवेश मिल सकता है। एक से अधिक विषय में आवेदन का उद्देश्य यह है कि जिस विषय की परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे, वहां प्रवेश ले सकेंगे।
इन राज्यों से आए आवेदन
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि अंडमान एवं निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से आवेदन आए हैं।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नैक, एनआईआरएफ और क्यूएस जैसी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। यहां अध्ययन कर रहे दूसरे राज्यों और देशों के छात्र संतुष्ट हैं, जिसका परिणाम है कि हर वर्ष प्रवेश लेने वाले दूसरे राज्यों के छात्रों की संख्या बढ़ रही है।