कैंपियरगंज इलाके के एक परिवार में देवरानी, जेठानी, भतीजे समेत एक अन्य महिला से एम्स में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों ने 20 लाख रुपये हड़प लिए। अब रुपये मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता की तहरीर पर कैंपियरगंज पुलिस ने कैंपियरगंज के राखूखोर निवासी रहमान अली, शिवपुर करमहवा के मुबारक अंसारी और रहमान अली की पत्नी पर केस दर्ज किया है।
कैंपियरगंज के भौराभारी की सुनीता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कस्बे के एक हॉस्पिटल में काम करने वाले रहमान अली और उसकी पत्नी व मुबारक अंसारी उर्फ पिल्लू ने 25 जुलाई 2023 में एम्स में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
नौकरी पाने के चक्कर में सुनीता, उनकी भाभी रीता, भतीजा सुनील यादव ने पांच-पांच लाख रुपये दिए। बाद में सुनीता की सगी बहन संतकबीरनगर जिला के बखिरा देवकली गांव की इसरावती ने भी पांच लाख रुपये दिए थे।
यही नहीं, जालसाजों ने 18 मई 2024 को मेडिकल कॉलेज बुलाकर चारों पीड़ितों को ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर भी सुनीता से 20 हजार रुपये ले लिए। सुनीता ने पुलिस को बताया कि उनके पति की मौत हो चुकी है। इसलिए नौकरी तलाश रही थीं।
तभी रहमान अली से मुलाकात हुई और उसने झांसे में लेकर ठगी कर दी। जब भी तीनों से रुपये की मांग की जाती है, वे जान से मारने की धमकी देते हैं। पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
एम्स में नौकरी के नाम पर पहले भी हो चुकी है जालसाजी
दो फरवरी : बस्ती के अनुराग चौरसिया से 1:50 लाख रुपये की जालसाजी हुई।
पांच जुलाई : शाहपुर की बीना सिंह समेत तीन लोगों से 10.79 लाख रुपये की जालसाजी।
आठ जनवरी 2023 : महाराजगंज के फरेंदा निवासी कन्हई प्रसाद से 17.65 लाख की जालसाजी करने वाले आरोपी पकड़े गए।
30 जुलाई 2022 : प्रयागराज की मीरा ने शाहपुर में किराए का कमरा लेकर नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों के 35 लाख रुपये हड़पे थे। शिकायत पर पकड़ी गई।
एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एम्स या एयरपोर्ट में सीधी नौकरी नहीं लगती है। इसके बाद भी लोग जालसाजी के चक्कर में फंस जाते हैं। ऐसे लोग जो सीधी भर्ती कराते हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है। इनके बारे में पुलिस को सूचना देनी चाहिए। तत्काल कार्रवाई होगी।