जनपद में 162 रेस्टोरेंट व होटल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई होटल और रेस्टोरेंट विभिन्न सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते हैं। ऐसे में कभी भी यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इनको पहले भी दो बार नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब इन रेस्टोरेंट व होटल मालिकों को फिर नोटिस भेज कर 15 दिन का समय पंजीकरण के लिए दिया है।
अब ये पंजीकरण नहीं कराएंगे तो तो इन पर कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन विभाग के अफसरों का कहना है कि निशुल्क होने के बाद भी जिले में कई होटल व रेस्टोरेंट मालिक पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे 162 होटल व रेस्टोरेंट की सूची तैयार की गई है और उन्हें नोटिस भेजा गया है। इसमें प्रमुख रूप से फाइव सेंस होटल, सिमरन होटल, एसएस पैलेस इत्यादि शामिल हैं। पर्यटन विभाग का कहना है कि 15 दिन के अंदर अगर रेस्टोरेंट व होटल मलिक प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैैं तो उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यहां से एनओसी लेने के बाद होता है रजिस्ट्रेशन
रेस्टोरेंट व होटल चला रहे मालिकों को पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना आसान होता है। होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को कैरेक्टर प्रमाण पत्र, विद्युत विभाग से एनओसी, अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र, जीडीए व संबंधित विभाग से नक्शा पास की छाया प्रति, खाद्य विभाग द्वारा खाने की गुणवत्ता का प्रमाण-पत्र से साथ कुछ छोटी-छोटी प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ती है इसके बाद ही पर्यटन विभाग में निशुल्क रजिस्ट्रेशन होता है, जिसका साल भर बाद नवीनीकरण कराना पड़ता है।
तीसरी बार रेस्टोरेंट व होटल मालिकों को नोटिस दिया गया है। हमारी अपील है कि जनता व स्वयं के हित का ध्यान रख कर एक जिम्मेदार व्यवसायी होने के नाते तय तिथि तक रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए जो पूरी तरह निशुल्क है।
रवींद्र कुमार मिश्र, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी