शोभित मोहन दास शहर में अपार्टमेंट की संस्कृति लेकर आए थे। उस समय उनके सहयोगियों की फर्मों के साथ लेन-देन और व्यापार चलता रहा। इन फर्मों के कर्ताधर्ताओं की सांसें भी थमी हुई हैं। हालांकि, कुछ समय के बाद ( 2013) से फर्में स्वतंत्र होकर काम करने लगीं। ऐसे में इनके बीते व्यावसायिक संबंध वाली फर्मों पर भी आयकर की नजर है। आयकर की टीम चौरीचौरा इलाके के रहने वाले एक परिवार, जो अब बेतियाहाता में रहता है, के परिसर पर भी गई थी। चर्चा है कि गैलेंट समूह के सरिए के ट्रेडिंग का काम इनके पास ही है।
वहीं, कुछ बड़ी फर्मों ने शहर की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़ी इंट्री मारी है, जो अब अपार्टमेंट और बिल्डर के व्यापार से जुड़ गए हैं। उसे लेकर भी चर्चा चलती रही है। इसके अलावा, टॉवर के काम से ऑटोमोबाइल-कंस्ट्रक्शन और अपार्टमेंट लाइन में आए कुछ बड़े लोगों के नाम भी आयकर टीम के पास पहुंचे हैं। आशंका है कि अगले दो से तीन दिन में आयकर विभाग की टीम कुछ और बड़े संस्थानों के कारोबार की पड़ताल कर सकती है।