प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट 'नल से जल' योजना के तहत हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनपद को अभी छह सौ करोड़ की दरकार है। काम में सुस्ती की शिकायतों पर जल निगम सख्त हो गया है। अब जल निगम अधूरी पानी की टंकियों की समीक्षा कराएगा। समीक्षा के बाद कार्यों में तेजी लाने के लिए निगरानी की जाएगी।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1120 पानी की टंकियों का निर्माण गांवों में कराया जाना था। उनमें से 700 टंकियों का निर्माण हो गया है। जो 420 बची हैं उनकी क्या स्थिति है, इसकी समीक्षा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि पूरे जनपद में दिसंबर 2027 तक हर घर में नल से शुद्ध पानी पहुंच जाए। इस दिशा में कार्य हो रहा है।
जल निगम के अनुसार, जितनी भी पानी की टंकी का निर्माण कराया जाना है, उनका काम हो रहा है। जिन गांवों में टंकी का निर्माण नहीं हो रहा है वहां वजहों की जांच कराकर शुरू कराया जाएगा। अधूरे व शुरू नहीं हुए कार्यों की समीक्षा विभाग की ओर से कराई जा रही है। काम होने के बाद एचएनए स्पर्श प्रक्रिया के तहत दिल्ली से सीधा भुगतान हो जाएगा।
बोले अधिकारी
जिले में 1120 पानी की टंकी का निर्माण नल से जल योजना के तहत कराया जाना है। कुल 700 का निर्माण हो गया है। कुल 420 टंकियों का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां कार्य शुरू नहीं हुए हैं, वहां जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। कार्य होने के बाद उसका भुगतान सीधे दिल्ली से एचएनए स्पर्श प्रक्रिया के तहत होगा:
अखिलानंद, अधिशासी अभियंता, जल निगम
बोले मंत्री
गोरखपुर जिले में नल से जल योजना के तहत हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पानी की टंकी सहित जो भी निर्माण कार्य कराया जाना है वह हो रहा है। वर्ष 2027 तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। हर घर में शुद्ध जल पहुंचेगा। बजट की कोई कमी नहीं है। जो कैबिनेट में पास है वह हर कार्य कराया जाएगा। सारथी ऐप पर हर स्थिति की जानकारी दी गई है। जिस गांव के बारे में किसी को जानना है वह ऐप से जान सकता है:
स्वतंत्रदेव सिंह, मंत्री, जल शक्ति