इस बीच प्राथमिक विद्यालय पर आरबीएसके टीम के डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, डॉ. हर्ष पांडेय और उनके सहयोगी अमित बरनवाल की टीम पहुंची। टीम ने जांच कर बताया कि बच्ची के दिल में छेद है और इसका निशुल्क इलाज आरबीएसके योजना के तहत होगा। इसके बाद टीम ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां बच्ची की सर्जरी हुई। वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
आरबीएसके की डॉ अर्चना ने बताया कि सरदारनगर की टीम के डॉ. अरुण, डॉ. शाहनवाज, डॉ. हर्ष, अरुण यादव, संगीता और अमित बरनवाल दिल के छेद वाले बच्चों को ढूंढने में काफी सक्रियता से काम कर रहे हैं। अकेले इस ब्लॉक से चार सर्जरी हो चुकी है और तीन सर्जरी प्रक्रिया में है। जिले में 15 और बच्चों को दिल के छेद की सर्जरी के लिए चुना गया है।
44 तरह की बीमारियों का निशुल्क इलाज
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले की 38 आरबीएसके टीम आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और प्रसव केंद्र से बीमार बच्चों को चिह्नित करती है और उनकी 44 प्रकार की बीमारियों का निशुल्क जांच और इलाज कराती है। इन बीमारियों में कटे होठ व तालु, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, क्लब फुट सर्जरी, अति गंभीर कुपोषण, दिल के छेद की सर्जरी जैसी बीमारियां प्रमुख हैं।