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Gorakhpur News: 102 साल के बुजुर्ग ने बेटों संग की जालसाजी, महिला संग भी मकान बेच कर दी ठगी

Sun, 08 Sep 2024 01:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

जमीन खरीद कर रुपये नहीं देने का 102 वर्ष के बुजुर्ग माधो के आरोप जांच में गलत मिले हैं। सीओ गोरखनाथ ने प्रकरण की जांच की तो दूसरा ही सच सामने आ गया। पता चला कि बुजुर्ग ने वह जमीन बेच दी, जिस पर घर बनवाकर उसके तीन बच्चे रहते हैं। वहीं, आठ लाख रुपये में जमीन खरीदने वाली महिला खुद ठगी की शिकार हो गई है।
 
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जालसाजी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जमीन खरीद कर रुपये नहीं देने का 102 वर्ष के बुजुर्ग माधो के आरोप जांच में गलत मिले हैं। सीओ गोरखनाथ ने प्रकरण की जांच की तो दूसरा ही सच सामने आ गया। पता चला कि बुजुर्ग ने वह जमीन बेच दी, जिस पर घर बनवाकर उसके तीन बच्चे रहते हैं। इसकी जानकारी होने के बाद बेटों ने बैनामा को निरस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। वहीं, आठ लाख रुपये में जमीन खरीदने वाली महिला खुद ठगी की शिकार हो गई है।

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जानकारी के मुताबिक, मोतीराम अड्डा निवासी माधो जायसवाल शुक्रवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने मौजूद लोगों को बताया था कि गुलरिहा क्षेत्र के भटहट की रहने वाली एक महिला ने 22 नवंबर, 2022 में उसकी मोतीराम अड्डा में स्थित जमीन खरीदी थी, जिसकी कीमत 10 लाख रुपये तय हुई थी।

इसमें आठ लाख रुपये महिला ने दे दिए और दो लाख रुपये बाकी लगा दिए। आरोप लगाया कि महिला के पास जब भी अपने पैसे वापस मांगने जाता हूं तो वह मारने की धमकी देकर भगा देती है। इसी आरोप की पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि बुजुर्ग के आरोप झूठे हैं और उसे भी मालूम है कि उसने क्या किया है। यह भी पता चला है कि बुजुर्ग की इसी हरकत की वजह से उनकी पत्नी भी बेटों के साथ ही रहने चली गई है।
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नौ लाख 50 हजार दे चुकी है महिला
बुजुर्ग माधो ने भटहट की जिस प्रियंका जायसवाल पर दो लाख रुपये नहीं देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्रियंका से पूछताछ की तो पता चला कि महिला ने आठ लाख रुपये माधो और एक लाख पचास हजार रुपये उसके बेटे को दिया था। महिला ने बताया कि माधो से 10 लाख रुपये में घर खरीदने की बात हुई थी। माधो उस घर पर कब्जा भी नहीं दिला पाए और उल्टे दो लाख रुपये भी मांग रहे हैं। उनके बेटे ने कोर्ट में बैनामा निरस्त करने के लिए केस भी किया है। मेरे तो पूरे रुपये ही डूब गए।

अन्य मामले में हटाए गए चौकी इंचार्ज
एसएसपी ने शनिवार को एक अन्य मामले की शिकायत पर भटहट चौकी इंचार्ज विवेक मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया। थानेदार को लाइन हाजिर कर चौकी इंचार्ज को उसी दिन रवाना करने के भी निर्देश दिए।

सीओ गोरखनाथ योगेंद्र सिंह ने बताया कि बुजुर्ग से जुड़ा मामला होने की वजह से पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच में पता चला है कि बुजुर्ग ने अपने बेटों के मकान वाली जमीन का ही सौदा कर दिया है। बेटों ने बैनामा निरस्त कराने के लिए आवेदन दिया है। महिला पर रुपये नहीं देने के उनके आरोप झूठे पाए गए हैं।

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