पवन अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर 13 और 15 में अब बड़े प्रोजेक्ट नहीं लग सकते हैं। क्योंकि, यहां पर केवल 192 एकड़ जमीन है। जबकि, बड़े प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत है। इसलिए बड़े प्रोजेक्ट के लिए औद्योगिक गलियारे में जमीन उपलब्ध कराया जाएगा। क्योंकि, गलियारे में पर्याप्त लैंड बैंक हैं।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि दोनों जगहों पर छोटे-छोटे भूखंड निकाले जाएंगे। यह एक हजार वर्ग मीटर से करीब छह हजार वर्ग मीटर के होंगे। इन भूखंडों का इस्तेमाल समिट में आने वाले प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए किया जाएगा। क्योंकि, समिट में कई ऐसे प्रस्ताव भी आए हैं, जो छोटे प्रोजेक्ट के तौर पर है। इसमें 20 से 25 करोड़ वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके लिए भूखंडों का इसी माह टेंडर भी निकाला जाएगा।