हत्या के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने शुक्रवार को 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। सहजनवां और बेलघाट इलाके में हुई घटनाओं में साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में फैसला सुनाया।
हत्या व गैंगस्टर के जुर्म में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुबोध वार्ष्णेय ने बेलघाट थाना क्षेत्र के ग्राम बेइली खुर्द निवासी अभियुक्त ध्रुव नरायन शुक्ल, राम आशीष यादव व धर्मराज केवट को आजीवन कारावास एवं 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अखिलेश शुक्ला एवं घनश्याम सिंह का कहना था कि वादी सुरेंद्र प्रताप यादव की शादी बेलघाट क्षेत्र के ग्राम बेइली खुर्द की रमावती के साथ हुई थी। वादी अपने ससुराल में ही रहता है। 30 अप्रैल 2006 को दिन में करीब दो बजे वादी के ससुर पतिराज यादव गांव के ही स्वामीनाथ के यहां से घर वापस आ रहे थे।
रास्ते में वंशराज के दरवाजे के सामने अभियुक्तगण अचानक आ गए और लाठी डंडा व सरिया से मारने लगे। जिससे वादी के ससुर को गंभीर चोटे आई। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
उधर, एक अन्य मामले में हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश राहुल दूबे ने सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम दोमहर निवासी अभियुक्त रामउग्रह, ब्रह्मदेव, गजेंद्र, रामलवट, फूलचंद, चंद्रजोता व इंद्रावती को आजीवन कारावास एवं 29 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र दूबे एवं अभयानंदन त्रिपाठी का कहना था कि वादी शरण देव सहजनवां क्षेत्र के ग्राम डोमर का निवासी है। 26 सितंबर 2008 को दिन के करीब साढ़े दस बजे वादी की पत्नी घर पर अकेली थी। अभियुक्तगण घर में घुस कर वादी की पत्नी को लात मुक्का से मारे पीटे तथा मिट्टी का तेल डाल कर जला दिए, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।