Gen Z में lily-padding ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें युवा बेहतर सैलरी, नई स्किल्स और करियर ग्रोथ के लिए जल्दी-जल्दी नौकरी बदल रहे हैं। वे Side Hustle और Work-Life Balance को भी प्राथमिकता देते हैं।
एक समय था जब लोग एक ही कंपनी में 10-10 साल नौकरी करते थे, लेकिन Gen Z ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है। आज के युवा शुरुआत में एक जगह टिकने के बजाय अलग-अलग कंपनियों, नए रोल और नए काम के साथ खुद को बेहतर बनाना चाहते हैं। इस ट्रेंड को 'Lily Padding' कहा जाता है।
करीब 10 साल पहले तक करियर का मतलब था एक कंपनी में लंबे समय तक काम करना और धीरे-धीरे प्रमोशन पाना। लेकिन कोरोना महामारी के बाद इस सोच में काफी बदलाव आया है। अब युवा प्रोफेशनल्स शुरुआती करियर में अलग-अलग रोल और कंपनियों में काम करके अनुभव, नई स्किल्स और बेहतर सैलरी हासिल करना चाहते हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
करियर और भर्ती से जुड़ी कंपनी Randstad की रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z अपने करियर के शुरुआती पांच वर्षों में औसतन सिर्फ 1.1 साल ही एक नौकरी में रहते हैं। वहीं, Millennials औसतन 1.8 साल तक ही एक नौकरी में टिकते हैं, जबकि उनसे पहले की पीढ़ियां करीब तीन साल तक एक ही कंपनी में काम किया करती थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हर तीन में से एक Gen Z कर्मचारी अगले एक साल के भीतर नौकरी बदलने की योजना बना रहा है। इससे साफ है कि आज के युवाओं के लिए नौकरी बदलना मजबूरी नहीं, बल्कि करियर को बेहतर बनाने की रणनीति बन चुका है।
करियर को लेकर अलग सोच
विशेषज्ञों का मानना है कि 'Lily Padding' सिर्फ बार-बार नौकरी बदलने का ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक करियर मॉडल से अलग सोच को दर्शाता है। पहले लोग एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करके प्रमोशन का इंतजार करते थे, लेकिन Gen Z अलग-अलग अनुभव, नई स्किल्स और बेहतर अवसरों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
सिर्फ नौकरी नहीं, Side Hustle पर भी फोकस
जॉब और करियर प्लेटफॉर्म Glassdoor के शोध के अनुसार, Gen Z के लगभग 60% (10 में से 6) कर्मचारी अपनी मुख्य नौकरी के साथ कोई न कोई Side Hustle भी करते हैं। यानी वे फ्रीलांसिंग, कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन बिजनेस या अन्य अतिरिक्त कामों के जरिए अपनी आय बढ़ाने और नई स्किल्स सीखने की कोशिश करते हैं।
मैनेजर बनना अब पहली पसंद नहीं
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 68% Gen Z कर्मचारियों का कहना है कि वे मैनेजमेंट की भूमिका तभी स्वीकार करेंगे, जब उसके साथ मिलने वाली सैलरी वास्तव में आकर्षक होगी। उनके लिए अच्छी कमाई, काम का संतुलन (Work-Life Balance) और मानसिक संतुष्टि ज्यादा अहम है।
अब ऐसा क्यों हो रहा है?
आज की अनिश्चित नौकरी वाली दुनिया में Gen Z किसी एक कंपनी के प्रति लंबे समय तक वफादार रहने के बजाय अपनी स्किल्स और करियर ग्रोथ को ज्यादा महत्व देते हैं। अब एक नौकरी पूरी जिंदगी वाली सोच लगभग खत्म हो चुकी है। कई साल तक एक ही कंपनी में काम करने से भी नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। इसलिए Gen Z बेहतर मौके, ज्यादा सीखने और अच्छी सैलरी के लिए जल्दी-जल्दी नौकरी बदलने से नहीं हिचकते।