Gen Z में Nonna-Maxxing ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें युवा दादी-नानी जैसी सादगी, घर का बना खाना, परिवार के साथ समय और धीमी जिंदगी अपना रहे हैं। डिजिटल थकान और तनाव से राहत पाने के लिए यह लाइफस्टाइल अपनाई जा रही है।
हर दिन नया ट्रेंड अपनाने वाली Gen Z अब एक बिल्कुल अलग लाइफस्टाइल की तरफ बढ़ रही है। इस बार न महंगे कपड़ों की बात है, न वायरल मेकअप की और न ही किसी नए गैजेट की। सोशल मीडिया पर इन दिनों Nonna-Maxxing नाम का ट्रेंड छाया हुआ है, जिसमें युवा दादी-नानी जैसी सादगी, घरेलू जीवन और धीमी रफ्तार वाली जिंदगी को अपना रहे हैं।
क्या है Nonna-Maxxing?
Nonna-Maxxing एक ऐसा लाइफस्टाइल ट्रेंड है, जो इटली से आया है। इसमें लोग दादी-नानी (Italian Nonna) की तरह सादगी, अपनापन और धीमी रफ्तार वाली जिंदगी अपनाने की कोशिश करते हैं। इसमें घर का बना खाना, मेहमानों की दिल से खातिरदारी, परिवार के साथ समय बिताना और वर्षों से संभालकर रखी गई चीजों को महत्व दिया जाता है।
इंटीरियर डिजाइनर Melissa Dyckman के मुताबिक, Nonna-Maxxing ऐसा घर बनाने की सोच है, जिसे लोग हमेशा याद रखें। ऐसा घर जहां रसोई से ताजा खाने की खुशबू आए, डाइनिंग टेबल रोज सजाई जाए, चाहे साधारण डिनर ही क्यों न हो और घर में ऐसी पुरानी चीजें हों जो पीढ़ियों से परिवार का हिस्सा रही हों। यानी हर चीज में अपनापन हो, न कि सब कुछ एक साथ ऑनलाइन खरीदकर सजाया गया लगे।
Nonna-Maxxing को अपनी जिंदगी में कैसे अपनाएं?
Nonna-Maxxing का मतलब यह नहीं है कि आप एक ही दिन में पूरे घर का मेकओवर कर दें। इस ट्रेंड की असली सोच है धीरे-धीरे अपनी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव लाना, घर को यादों और अपनापन से भरना और रोजमर्रा की छोटी-छोटी खुशियों का जश्न मनाना।
1. हर डिनर को बनाएं खास
Nonna-Maxxing की शुरुआत डाइनिंग टेबल से की जा सकती है। चाहे मंगलवार की साधारण रात हो या वीकेंड, खाने को खास बनाने की कोशिश करें। इंटीरियर डिजाइनर Melissa Dyckman कहती हैं कि अच्छी प्लेटें, कपड़े के नैपकिन या पसंदीदा बर्तन सिर्फ मेहमानों के लिए संभालकर न रखें। इन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करें। उनका मानना है कि हमें 'किसी परफेक्ट मौके' का इंतजार नहीं करना चाहिए।
2. छोटी-छोटी रस्मों को वापस लाएं
डाइनिंग टेबल पर एक सुंदर सर्विंग बाउल रखें, मोमबत्ती जलाएं, फलों को किसी खूबसूरत बर्तन में सजाएं या कपड़े के नैपकिन का इस्तेमाल करें। भले ही खाने में सिर्फ पास्ता या दाल-चावल ही क्यों न हो, ये छोटी-छोटी आदतें साधारण दिनों को भी खास बना देती हैं।
3. जिंदगी की रफ्तार धीमी करें
Nonna-Maxxing का मतलब है- जिंदगी को थोड़ा धीमे जिएं। यह किसी और की दादी-नानी की नकल करने या सोशल मीडिया पर दिखने वाला एस्थेटिक अपनाने का नाम नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आप एक दिन में 'Nonna' नहीं बन सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले फोन और लगातार स्क्रॉलिंग से थोड़ा ब्रेक लेना होगा। जब आप डिजिटल दुनिया से थोड़ा दूर होंगे, तभी अपनी पसंद, अपनी आदतों और अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
Gen Z आखिर Nonna-Maxxing की ओर क्यों बढ़ रहे हैं?
Nonna-Maxxing के पीछे सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं, बल्कि बढ़ता तनाव और डिजिटल थकान (Digital Burnout) है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z के 68% युवा अक्सर तनाव (Stress) महसूस करते हैं। वहीं, एक अन्य सर्वे में सामने आया कि 18 से 40 साल के 53% लोग अपने स्क्रीन टाइम को नियंत्रित नहीं कर पाते। इतना ही नहीं, Gen Z के आधे से ज्यादा युवा अब आमने-सामने मिलने के बजाय स्क्रीन के जरिए लोगों से ज्यादा बातचीत करते हैं।
क्या सच में Nonna-Maxxing से बेहतर हो सकती है सेहत?
Nonna-Maxxing सिर्फ सोशल मीडिया का एक ट्रेंड नहीं है, बल्कि डॉक्टरों का मानना है कि इसकी कई आदतें वैज्ञानिक रूप से भी फायदेमंद हैं। इस ट्रेंड में शामिल कई आदतें लंबे समय तक स्वस्थ रहने और लाइफस्टाइल बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं। रोज पैदल चलना, दिनभर सक्रिय रहना, घर का बना सादा खाना खाना और परिवार व दोस्तों के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखना बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा, Nonna-Maxxing में अपनाई जाने वाली Mediterranean Diet जिसमें ताजी सब्जियां, साबुत अनाज, ऑलिव ऑयल और कम प्रोसेस्ड फूड शामिल होते हैं-दिल की सेहत और लंबी उम्र के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है।