डेटिंग एप पर लंबी हाइट का दावा, लेकिन असलियत कुछ और? एक महिला को अपने डेट पर शक हुआ तो उसने AI की मदद ली। तस्वीरों के जरिए सच जानने की इस कोशिश में ऐसा खुलासा हुआ, जिसने ऑनलाइन डेटिंग में भरोसे और कैटफिशिंग पर सवाल खड़े कर दिए। आखिर क्या AI सच में फोटो देखकर किसी की हाइट का राज खोल सकता है?
डेटिंग एप पर मैच की प्रोफाइल पसंद आ गई, बातचीत भी अच्छी चल रही है, लेकिन फिर पता चले कि सामने वाले ने अपनी हाइट ही बढ़ा-चढ़ाकर लिखी है! ऑनलाइन डेटिंग में ऐसी छोटी-सी बात भी भरोसे पर सवाल खड़े कर सकती है। अब सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो चर्चा में है, जिसने अपने डेट की हाइट का सच जानने के लिए AI की मदद ली। मामला इतना दिलचस्प है कि इसमें AI, ऑनलाइन डेटिंग और कैटफिशिंग, तीनों की कहानी जुड़ गई है।
Hits 96.1 रेडियो स्टेशन के इंस्टाग्राम वीडियो में Alexis नाम की महिला ने अपना अनुभव साझा किया। उसने बताया कि उसके डेट की डेटिंग प्रोफाइल में हाइट 6 फीट 2 इंच लिखी थी। Alexis को शक हुआ तो उसने अपने डेट की चार-पांच तस्वीरें एक AI चैटबॉट पर अपलोड कर दीं और उसकी हाइट का अनुमान लगाने को कहा।
AI सिर्फ फोटो में चेहरा देखकर हाइट नहीं बताता। तस्वीर में शरीर के अनुपात, व्यक्ति की मुद्रा, कैमरे के एंगल और आसपास मौजूद वस्तुओं का विश्लेषण करके वह अनुमान लगाने की कोशिश कर सकता है। मान लीजिए, तस्वीर में कोई व्यक्ति दरवाजे के पास खड़ा है और दरवाजे का वास्तविक आकार पता है। ऐसे में AI व्यक्ति की लंबाई का अनुमान लगाने के लिए इस जानकारी का इस्तेमाल कर सकता है। इसी तरह, किसी ज्ञात आकार की वस्तु या दूसरे व्यक्ति के साथ तुलना भी मदद कर सकती है। लेकिन अगर फोटो में किसी वस्तु का वास्तविक आकार पता ही नहीं है, तो अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। सिर्फ शरीर के अनुपात से किसी की सटीक हाइट निकालना आसान नहीं है।
यहां कैमरे का एंगल पूरा खेल बदल सकता है। नीचे से ली गई तस्वीर में कोई व्यक्ति लंबा दिखाई दे सकता है, जबकि ऊपर से ली गई तस्वीर में वह छोटा नजर आ सकता है। कैमरे से व्यक्ति की दूरी भी उसके अनुपात को अलग दिखा सकती है। इसके अलावा, कोई व्यक्ति झुककर खड़ा हो, ढीले कपड़े पहने या उसकी शारीरिक बनावट सामान्य अनुपात से अलग हो, तो AI के लिए सही अनुमान लगाना और मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से AI की बताई हाइट कुछ इंच या उससे भी ज्यादा गलत हो सकती है। बिना किसी भरोसेमंद रेफरेंस के फोटो से निकली हाइट को सटीक माप नहीं माना जा सकता।
AI किसी तस्वीर और उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण करके संभावित गड़बड़ियों पर ध्यान दिला सकता है। लेकिन तस्वीर से हाइट का अनुमान लगाना और किसी की असली पहचान साबित करना दो अलग बातें हैं। अगर AI किसी व्यक्ति की हाइट कम बताता है, तो इससे यह साबित नहीं होता कि वह कैटफिशिंग कर रहा है। हो सकता है तस्वीर का एंगल गलत हो या AI का अनुमान ही गलत निकला हो। इसी तरह, किसी की फोटो देखकर उसकी असली पहचान की पुष्टि भी अपने आप नहीं हो जाती। इसलिए AI के नतीजे को अंतिम फैसला मानने के बजाय उसे केवल एक संकेत की तरह देखना चाहिए। किसी की प्रोफाइल पर शक हो, तो दूसरे विश्वसनीय तरीकों से जानकारी की पुष्टि करना ज्यादा बेहतर है।
किसी की तस्वीर AI चैटबॉट पर अपलोड करना आसान है, लेकिन उसके साथ निजी जानकारी भी साझा हो सकती है। कुछ AI सेवाएं अपलोड की गई तस्वीरों को स्टोर कर सकती हैं या अपनी नीतियों के तहत उनका इस्तेमाल कर सकती हैं। यह संबंधित सेवा की प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भर करता है। चेहरे और शरीर से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण डेटा सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पैदा करता है। तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किसी को ट्रोल करने, बॉडी शेमिंग करने या उसकी निजता का उल्लंघन करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए किसी AI टूल पर फोटो अपलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ना जरूरी है। साथ ही, किसी दूसरे की तस्वीर का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सहमति और निजता का सम्मान करना चाहिए।