मानसून और उमस भरे मौसम में सही कपड़ों का चुनाव सिर्फ फैशन का नहीं, बल्कि सेहत और आराम का भी सवाल होता है। बारिश के बाद बढ़ी हुई नमी और चिपचिपी गर्मी के कारण शरीर सामान्य से अधिक पसीना निकालता है। अगर इस मौसम में ऐसे फैब्रिक पहन लिए जाएं जो हवा का संचार ठीक से न होने दें या पसीने को लंबे समय तक त्वचा पर रोके रखें, तो असहजता, बदबू, घमौरियां और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कई लोग स्टाइल के चक्कर में ऐसे कपड़े पहन लेते हैं जो देखने में आकर्षक तो लगते हैं, लेकिन उमस भरे मौसम के लिए उपयुक्त नहीं होते। दूसरी ओर, कुछ फैब्रिक ऐसे भी हैं जो पसीना सोखने, हवा के आवागमन और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसलिए मौसम के अनुसार कपड़ों का चुनाव करना बेहद जरूरी है।
अगर आप भी मानसून या उमस के मौसम में पूरे दिन फ्रेश और आरामदायक महसूस करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि किन फैब्रिक से दूरी बनानी चाहिए और किन कपड़ों को अपनी वॉर्डरोब में शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
उमस में इन 2 फैब्रिक से क्यों बचें?
1. पॉलिएस्टर
क्यों नहीं पहनना चाहिए?
-
हवा का संचार सीमित हो सकता है।
-
पसीना त्वचा पर अधिक देर तक महसूस हो सकता है।
-
लंबे समय तक पहनने पर चिपचिपाहट बढ़ सकती है।
-
संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को असुविधा हो सकती है।
कब पहन सकते हैं?
2. नायलॉन
क्यों न पहनें?
-
त्वचा पर गर्माहट महसूस हो सकती है।
-
उमस में चिपचिपापन बढ़ सकता है।
-
पसीने और नमी के कारण त्वचा में रैशेज की संभावना बढ़ सकती है।
-
लंबे समय तक पहनने पर असहजता महसूस हो सकती है।
उमस में कौन-से फैब्रिक पहनें?
कॉटन
लिनन
-
यह जल्दी सूखने वाला फैब्रिक है।
-
हल्का और ठंडक देने वाला कपड़ा होता है।
-
मानसून के लिए स्टाइलिश विकल्प माना जा सकता है।
रेयॉन या विस्कोस ब्लेंड
उमस में कपड़े चुनते समय रखें इन बातों का ध्यान
-
ढीले फिट वाले कपड़े पहनें।
-
हल्के रंग चुनें।
-
बहुत मोटे या भारी फैब्रिक से बचें।
-
दिनभर गीले कपड़े पहनकर न रहें।
-
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कपड़े साथ रखें।