विगत अक्टूबर में कार्टियर ने फिफ्थ एवेन्यु में आभूषणों की एक मुफ्त प्रदर्शनी लगाई, जिसमें एलिजाबेथ टेलर से लेकर डचेस ऑफ विंडसर के इस्तेमाल किए हुए गहने थे। ‘उन गहनों को देखते हुए ऐसा लग रहा था, मानो हम नामचीन लोगों से रू-ब-रू हैं,’ आयोवा की कैटी सट्न कहती हैं। अक्तूबर की गुनगुनी दोपहर को अपनी बहन टेरन स्टार्क के साथ वह प्रदर्शनी देखने गई थी। क्वीन्स में रहने वाली स्टार्क को इस प्रदर्शनी के बारे में फेसबुक पर जानकारी मिली थी।
अतीत में ऐसी प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए नहीं होती थीं। इनके निमंत्रण चिकने कागज पर कैलीग्राफी में लिखे जाते थे और रईसों को ही भेजे जाते थे। आम तौर पर ऐसे आयोजन होटलों या आभूषण निर्माता कंपनियों के अपने सेलून में होते थे, जहां तड़क-भड़क के साथ शैम्पेन की व्यवस्था होती थी, लेकिन अब चीजें बदल रही हैं। विलासिता की वस्तुओं के बाजार में परिवर्तन दिखाई देने लगा है। नामचीन शख्सियतों द्वारा इस्तेमाल की हुई चीजें आम लोग भी खरीद रहे हैं, भले इसके लिए उन्हें अधिक कीमत ही क्यों न चुकानी
पड़े।
विश्लेषकों के मुताबिक, इसके बाजार में इस बार पांच फीसदी वृद्धि की उम्मीद है। वे यह भी कहते हैं कि इस बढ़ोतरी में 1980 के बाद पैदा हुए कारोबारियों का योगदान है। हालांकि यह भी सच है कि तीस साल की महिला हीरे या एमरेल्ड के गहने देख प्रभावित तो हो सकती है, लेकिन इन अभिजात गहनों में योगा क्लास जाना या दोस्तों के साथ कॉफी पीने निकलना व्यावहारिक नहीं है।
पिछले महीने चेलेसा में आर्ट गैलरीज की गली में ऐसे ही महंगे गहनों की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, जिसमें वैन क्लीफ ऐंड एर्पेल्स द्वारा तैयार खास किस्म के कई दर्जन ब्रोचेस थे, जिनकी कुल कीमत एक करोड़ डॉलर से भी अधिक थी। मशहूर फ्रेंच आभूषण कंपनी नोआ’स आर्क ने हाल ही में न्यूयॉर्क में हाथ से तैयार कुछ ब्रोचेस की प्रदर्शनी की। सोने के इन ब्रोचेस में हीरे, एमरेल्ड और नीलम जड़े हुए थे। चौंधियाती हुई रोशनी और मद्धिम संगीत के बीच इन बहुमूल्य आभूषणों को देखना एक शानदार अनुभव था। इस फ्रेंच कंपनी ने पिछले 3साल जब पेरिस में प्रदर्शनी का आयोजन किया था, तब लोगों को अंदर आने के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा था।
वैन क्लीफ ऐंड एर्पेल्स के मुख्य कार्यकारी और अध्यक्ष निकोलस बोस कहते हैं, ‘प्रदर्शनियों में आने वालों में से कुछ लोग ही गहने खरीदते हैं। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि अधिक से अधिक लोग कीमती गहने देखने आते हैं और इनकी तारीफ करते हैं। अब कीमती आभूषण देखने पर सिर्फ अमीरों का एकाधिकार नहीं रहा।’ जाहिर है कि कीमती गहनों के प्रशंसक आने वाले दिनों में इनके खरीदार भी बनेंगे।