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Emotional Shopping: खरीदारी करने की आपकी आदत का कारण 'इमोशनल शॉपिंग' तो नहीं?

Fri, 10 Jul 2020 01:10 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कई लोगों को शॅापिंग करने का बहुत अधिक शौक होता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कई लोगों को शॅापिंग करने का बहुत अधिक शौक होता है। कुछ लोगों को कपड़े खरीदने तो कुछ लोगों को नए- नए जूतों का शौक होता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हर नया कलेक्शन अपने पास रखने के लिए शॅापिंग करते हैं।

क्या आप भी जरूरत से अधिक शॅापिंग करते हैं? कई बार भारी डिस्कांउट की वजह से भी लोग बहुत ज्यादा शॅापिंग कर लेते हैं। परंतु आज हम आपको बताएंगे कि आपकी जरूरत से अधिक शॅापिंग का कारण 'इमोशनल शॉपिंग' भी हो सकती है। आइए जानते हैं 'इमोशनल शॉपिंग' क्या होती है और क्या होते हैं इसके लक्षण...
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जरूरत से ज्यादा शॅापिंग करने के कारण 'इमोशनल शॉपिंग' भी हो सकती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
'इमोशनल शॉपिंग'
  • आपकी जरूरत से ज्यादा शॅापिंग करने के कारण 'इमोशनल शॉपिंग' भी हो सकती है। जब हम अपनी 'इमोशनल प्रॉब्लम्स' को भूलने के लिए शॅापिंग का सहारा लेने लगते हैं तो उसे 'इमोशनल शॉपिंग' कहा जाता है। आइए अब जानते हैं इमोशनल शॉपिंग के लक्षण...
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बिना काम के बाजार व्यक्ति सिर्फ घूमने या खुद को अच्छा फिल करवाने के लिए ही जाता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बिना काम के बाजार जाना
  • अगर आप बिना काम के बाजार जा रहे हैं, तो हो सकता है आप 'इमोशनल शॉपिंग' के शिकार हो गए हों। बिना काम के बाजार व्यक्ति सिर्फ घूमने या खुद को अच्छा फिल करवाने के लिए ही जाता है। बेवजह बाजारा जाने से खर्चा बढ़ जाता है, जिस वजह से बाद में आर्थिक पेरशानियों का सामना करना पड़ता है।

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'इमोशनल शॉपिंग' से शिकार लोग अक्सर कुछ ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जिनकी जरूरत नहीं होती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
ऐसी चीजें खरीदना जिनकी आवश्यकता नहीं है
  • 'इमोशनल शॉपिंग' से शिकार लोग अक्सर कुछ ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जिनकी जरूरत नहीं होती है। ऐसे लोग फिर बार- बार चीजों को लौटाने भी जाते हैं। जो चीज जरूरत की न हो उन चीजों को लेने से बजट पर भी असर पड़ता है।
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किसी दूसरे व्यक्ति को दिखाने के लिए शॅापिंग कर रहे हैं तो इसका मतलब आप इमोशनल शॉपिंग के शिकार हैं- सांकेतिक तस्वीर
दिखाने के लिए शॅापिंग
  • जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को दिखाने के लिए शॅापिंग कर रहे हैं तो इसका मतलब आप इमोशनल शॉपिंग के शिकार हैं। बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि वे किसी दोस्त या रिश्तेदार के साथ शॅापिंग पर गए हुए हैं और उन्हें कुछ लेना भी नहीं है, परंतु वे अपने दोस्त या रिश्तेदार को दिखाने के चक्कर में शॅापिंग करने लगते हैं। इसे इमोशनल शॉपिंग कहा जाता है।
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फिंलिंग्स को भुलाने या किसी स्थिति से बचने के लिए जब शॅापिंग की जाती है तो उसे "इमोशनल स्पेंडिंग" कहा जाता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
फिंलिंग्स को भुलाने के लिए शॅापिंग
  • फिंलिंग्स को भुलाने या किसी स्थिति से बचने के लिए जब शॅापिंग की जाती है तो उसे भी "इमोशनल शॉपिंग" या "इमोशनल स्पेंडिंग" कहा जाता है। "इमोशनल स्पेंडिंग" का मतलब है किसी चीज को भुलाने के लिए शॅापिंग का सहारा लेना। "इमोशनल स्पेंडिंग" की वजह से खर्चे बढ़ जाते हैं। 
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