आजकल के इस मॉडर्न जमाने में भी हमारी भारतीय परंपरा से जुड़ी चीजों का महत्त्व उतना ही है। हमे मॉडर्न खाना जैसे चाऊमीन, पिज़्जा, बर्गर बेहद पसंद आते है, लेकिन ये फास्ट फूड कभी भी भारतीय खानों की जगह नहीं ले सकते। ठीक इसी तरह मॉडर्न कपड़े, जीन्स, टॉप इत्यादि भी बस कुछ देर के लिए अच्छे लगते है, पर असली चमक तो भारतीय पारंपरिक साड़ियों में आती है। भारतीय पौशाक कही जाने वाली साड़ी भारत के साथ-साथ देश विदेश में भी बेहद मशहूर है। भारत में बनने वाली एथेनिक साड़ियों (Ethnic Sarees) की खूबसूरती का हर कोई कायल है।
इस देश में हर राज्य की अपनी खासियत है, अपनी पहचान है। बनारस का जितना धार्मिक महत्त्व है, उतना ही बनारसी साड़ियों का महत्त्व है। तमिलनाडु के इडली-सांभर के साथ-साथ कांजीवरम साड़ियां भी बेहद मशहूर है। इसके अलावा सिल्क साड़ी, मैसूर साड़ी, संबलपुरी साड़ी, बंगाली साड़ी, कर्नाटक साड़ी जैसे कई एथेनिक साड़ी भारतीय महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाती है। इस प्लेटफार्म पर कई ऐतिहासिक साड़ियां जैसे इकत साड़ी, चंदेरी कॉटन, बगरू प्रिंट्स, अजरख प्रिंट, जयपुर कॉटन, साउथ कॉटन आदि की भी बेहतरीन वैराइटी है। इन सभी क्षेत्रीय नामों और शैलियों को पढ़ना एक बात की ओर इशारा करता है- कि भारत में साड़ी के नाम अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन उनका अनुभव हमारी भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
भारतस्थली पर ये सभी एथेनिक साड़ियां अफोर्डेबल दामों पर उपलब्ध है। यहाँ की साड़ियों की सबसे मुख्य विशेषता है इनकी हथकरघा (हैंडलूम) साड़ियां। यह top-notch फैब्रिक्स के कपड़े बनाने के लिए कपास, रेशम और ऊन जैसे प्राकृतिक रेशों का उपयोग करता है। जिससे ब्रांड की हथकरघा (handloom) से जुड़ी प्रामाणिकता बनी रहती हैं। ऑर्गनिक धागों से बने होने के कारण भारतस्थली की साड़ियां ग्राहकों को आरामदायक महसूस कराती हैं।