आप सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए सब कुछ करती हैं, लेकिन क्या आप ब्लू लाइट स्किनकेयर करती हैं? अगर नहीं तो शुरू करें, क्योंकि यह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। आज के दौर में जिस तरह आधुनिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है, कहीं न कहीं उसका नकारात्मक प्रभाव हमारी जीवन-शैली पर भी पड़ रहा है।
आज के समय में हर कोई ब्लू लाइट की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। जब से कोरोना आया है, तब से लोगों का स्क्रीन टाइम पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। अब लोग वर्क फ्रॉम होम या ऑफिस में स्क्रीन के सामने अधिक वक्त बिताते हैं। बड़े ही नहीं, छोटे बच्चों को भी इस स्क्रीन की लत लग गई है, जिस कारण आंखों की रोशनी का कम होना या जलन होना स्वाभाविक है, साथ ही यह हमारी त्वचा के लिए भी बहुत नुकसानदायक है।
क्या है ब्लू लाइट
ब्लू लाइट यानी टीवी, फोन, लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर स्क्रीन से निकलने वाली हानिकारक किरणें, जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य, आंखों तथा त्वचा को क्षति पहुंचाती हैं। जिस तरह सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा को नुकसान होता है, उसी तरह ब्लू लाइट से हमारी त्वचा का ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है। इन किरणों से हमारी त्वचा समय से पहले बूढ़ी होने लगती है, जिस कारण पिगमेंटेशन, स्किन डिस्कलरेशन, कोलेजन का टूटना, स्किन एलर्जी जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
कैसे करें बचाव
जरूरी है कि आप अपनी त्वचा को एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और ई की भरपूर मात्रा दें, जो कि कुछ ब्यूटी प्रॉडक्ट्स और डाइट के जरिये आसानी से मिल सकती है। वहीं सनस्क्रीन, जो जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड से युक्त होती है, उसका उपयोग करें। इसके जरिये हमारी त्वचा को ब्लू लाइट और अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाया जा सकता है। इसके साथ में विटामिन सी, फेरुलिक एसिड और फिर सनस्क्रीन का उपयोग किया जाए तो ये पूरी तरह ब्लू लाइट प्रोटेक्शन देती हैं, जिसके नियमित उपयोग से हम अपनी त्वचा को कुछ हद तक जवां बनाए रख सकते हैं।
स्क्रीन टाइम
लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से रेडिकल्स के कण चेहरे पर जम जाते हैं और आंखों में जलन तथा खुजली की समस्या होने लगती है। इसलिए आंखों और चेहरे को हर एक घंटे में साफ पानी से धोएं। स्क्रीन और आपके बीच की दूरी कम से कम 18 इंच अवश्य हो। स्क्रीन पर रिफ्लेक्टर शील्ड लगवाएं। इसके इस्तेमाल से रेडिएशन और हीट को कम किया जा सकता है।
सही उत्पाद का चयन
अगर आप फेस सीरम का इस्तेमाल करती हैं तो ऐसे सीरम का चयन करें, जिसमें फेरुलिक एसिड के साथ नियासिनामाइड और स्क्वैलीन मौजूद हो। साथ ही वह सुपरफूड सीड ऑयल के साथ ओमेगा-3, ओमेगा-6, ओमेगा-9, विटामिन ए और सी युक्त हो। कैरट सीड ऑयल और सनफ्लावर सीड ऑयल को तो ब्लू लाइट डिफेन्स के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए इनका प्रयोग बेहद लाभदायक हो सकता है।
रिलीज न हो स्लीप हार्मोन
डॉ. चरणजीत सिंह भोगल, वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ, बाबू जगजीवन राम मेमोरियल हॉस्पिटल, दिल्ली
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें, जैसे कि एवोकैडो, टमाटर और अखरोट। इनके सेवन से फ्री-रेडिकल्स, एंटीएजिंग और पिगमेंटेशन को कम करने में मदद मिलती है। ब्लू लाइट से बचने के लिए चेहरे पर हर घंटे में एसपीएफ बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। ज्यादा से ज्यादा लिक्विड डाइट लें और पानी का अधिक सेवन करें। लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से न सिर्फ आप, बल्कि आपकी आंखें और त्वचा भी डिहाइड्रेट हो जाती है। ब्लू लाइट के कारण स्लीप हार्मोन के रिलीज से बचने के लिए सोने से तीन घंटे पहले स्क्रीन को बंद कर दें। वहीं स्कीन पर बैठते हुए अंडर आई जैल, सनस्क्रीम का उपयोग करें, जो झुर्रियों को रोकेंगे। आप अपनी आंखों का हल्का मसाज भी करें।