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तरोताजा करेंगी ये मसाज थेरेपी

Mon, 29 Oct 2012 09:55 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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दिन भर ऑफिस का काम, घर से दफ्तर की भागदौड़ और मानसिक तनाव। इनका ही असर है जो समय से पहले शरीर जवाब देने लगता है और चेहरे की रौनक गुम हो जाती है। ऐसे में थकान मिटाने और खुद को ताजा रखने के लिए मसाज एक बेहतरीन उपाय है।
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शरीर को सुडौल बनाने, दर्द कम करने, थकान मिटाने और तनाव कम करने जैसे कई गुणों से भरी मसाज थेरेपी आज हमारे बीच अलग-अलग रूपों में लोकप्रिय है। अगर आप भी खाली समय में तरोताजगी के लिए मसाज कराना चाहते हैं तो ये मसाज थेरेपी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं।
   
आयुर्वेदिक मसाज
आयुर्वेदिक मसाज थेरेपी हमारे देश की सबसे प्राचीन मसाज थेरेपी है जिसमें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और तेल के माध्यम से शरीर की मसाज की जाती है। यह न सिर्फ तरोताजा करने या थकान मिटाने के लिए कारगर है बल्कि कई बीमारियों के उपचार में भी इसे प्रभावी माना गया है। इस मसाज में पंचतत्व (जल, वायु, आग, आकाश और धरती) की ऊर्जा से थकान दूर करने पर जोर दिया जाता है।
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अरोमा थेरेपी
अरोमा थेरेपी में विभिन्न प्रकार के तेलों से शरीर की मसाज की जाती है। यह न सिर्फ त्वचा को निखारती है बल्कि अवसाद से बचाव के लिए भी इसकी बहुत उपयोगिता है। कई प्रकार जड़ी-बूटियों के तेल से मसाज करके तरह-तरह की दिक्कतों से छुटकारा दिलाते हैं। मसलन, तुलसी के तेल से मसाज करके माइग्रेन या अज्वाइन (ऑरेगेनो) के तेल से संक्रमण तक का इलाज संभव है।

स्टोन मसाज
स्टोन मसाज थेरेपी में ठंडे और पानी में गर्म किए पत्थरों से शरीर में दबाव और गरमाहट पहुंचाकर शरीर की थकान मिटाते हैं। इसमें पत्थरों पर तेल में डुबोकर पॉलिश करते हैं और पीठ व कमर पर रखते हैं। इन पत्थरों से शरीर को जो गर्माहट मिलती है उसे दर्द में आराम मिलता है, मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और शरीर की जकड़न खत्म हो जाती है।

एक्यूप्रेशर मसाज
एक्यूप्रेशर चीन की पारंपरिक चिकित्सा थेरेपी है जो एक्यूपंचर विधि का ही एक हिस्सा है। इस थेरेपी में एक्यूप्रेशर के लिए निधार्रित बिंदुओं पर दबाव बनाया जाता है। इसमें हाथ, कोहनी या एक्यूप्रेशर टूल्स से शरीर के अलग-अलग बिंदुओं पर दबाव बनाया जाता है। थकान से तुरंत राहत दिलाने में यह थेरेपी बहुत कारगर है।
 
स्वीडिश मसाज
स्वीडिश मसाज के दौरान शरीर पर पांच अलग-अलग प्रकार के स्ट्रोक किए जाते हैं। यह दर्द कम करने, जोड़ों की अकड़न कम करने, और गठिया जैसे रोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। आजकल थकान कम करने के लिए इसका प्रचलन हमारे देश में भी बहुत बढ़ा है। इस मसाज को 'क्लासिक मसाज' भी कहते हैं।

थाई मसाज
थाईलैंड में प्रचलित यह पारंपरिक मसाज हमारे देश में योग के साथ-साथ की जाती है इसलिए इसे थाई योगा मसाज थेरेपी कहना गलत नहीं होगा। कई बार इस मसाज में थाई व चीन की दवाएं मिलाई जाती हैं। थकान मिटाने और तरोताजगी के लिए यह मसाज थेरेपी इन दिनों काफी प्रचलित है।

डीप टिशु मसाज
डीप टिशु मसाज को कंप्रेसिव डीप टिशु मसाज भी कहते हैं। यह पूर्वी देशों में प्रचलित शियात्सु मसाज और पश्चिमी चिकित्सा पद्धतियों का मिला-जुला पैकेज है। थकान हटाने और ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में यह थेरेपी मददगार है।

चेयर मसाज
आजकल कई बड़ी कंपनियों के दफ्तरों और मॉल्स में चेयर थेरेपी मसाज आपको दिख जाती होगी। इस मसाज के दौरान व्यक्ति को आराम से कुर्सी पर बैठाकर सिर, गला, कंधे, कमर और पैर की मसाज की जाती है।
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