फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Beauty Tips: ज्यादा स्किन केयर बन सकती है बड़ी गलती, जानिए ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम के खतरे

Fri, 06 Mar 2026 04:09 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Over Skincare Side Effects: त्वचा की केयर करना उसे सुरक्षित रखने का उपाय है, लेकिन यह केयर जरूरत से ज्यादा हो जाए तो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन
ज्यादा स्किन केयर के नुकसान - फोटो : Adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीपिका शर्मा

विज्ञापन


आज महिलाएं त्वचा की देखभाल को लेकर बेहद जागरूक हैं। सुबह क्लींजिंग, दिन में मॉइश्चराइजिंग और रात में स्किन को रिपेयर होने में मदद करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन कई बार स्किन केयर के नाम पर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल किया जाने लगता है। विशेषज्ञ इसे ‘ओवर-स्किनकेयर’ कहते हैं, जो त्वचा के लिए नुकसादायक है।

क्या है यह सिंड्रोम

ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम में महिलाएं त्वचा को लेकर जरूरत से ज्यादा सतर्क हो जाती हैं और अपनी स्किन टाइप को समझे बिना ट्रेंडी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती हैं। बार-बार स्क्रब और एक्सफोलिएशन से त्वचा की प्राकृतिक परत कमजोर हो जाती है। नतीजा- जलन, लालिमा, खुजली, दाने या अचानक ब्रेकआउट।
विज्ञापन


सोशल मीडिया भी एक वजह

सोशल मीडिया पर दिखने वाले ‘ओवरनाइट’ और ‘इंस्टेंट ग्लो’ वीडियो आपको नए-नए सीरम और क्रीम आजमाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे में दूसरों जैसी चमक पाने की जल्दबाजी में आप स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा बैठती हैं।

गलत तकनीक अपनाना

ट्रेटिनॉइन, विटामिन सी और ग्लाइकोलिक एसिड जैसे शक्तिशाली इंग्रीडिएंट्स लाभकारी तो होते हैं, लेकिन इन्हें एक साथ और बार-बार इस्तेमाल करना त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। वहीं, बार-बार चेहरा धोना, जोर से स्क्रब करना या केमिकल पील और मास्क का अधिक उपयोग प्राकृतिक ऑयल को खत्म करता है। परिणामस्वरूप त्वचा की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और रूखी, बेजान व संवेदनशील नजर आने लगती है।

स्किन टाइप को न समझना

हर त्वचा की जरूरत अलग होती है, इसलिए सेंसिटिव, ऑयली या ड्राय स्किन के लिए अलग-अलग प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं। बिना जानकारी के गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा में जलन, पिंपल्स या रूखापन बढ़ा देता है। सही नतीजों के लिए स्किन टाइप को पहचानना जरूरी है। जब प्रोडक्ट्स त्वचा की जरूरत के अनुसार चुने जाते हैं, तो स्किन हेल्दी और संतुलित दिखती है।

बेसिक रूटीन की जरूरत

जैसे घर में जरूरत से ज्यादा सामान अव्यवस्था पैदा करता है, वैसे ही त्वचा पर ढेर सारे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नुकसानदेह साबित होते हैं। इसलिए कम ही सही, लेकिन प्राकृतिक प्रॉडक्ट चुनें।

सैंडविच मेथड का इस्तेमाल

दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में त्वचा विज्ञान विभाग में जूनियर रेजिडेंट, डॉ. सम्पूर्णा दास बताते हैं कि अगर आपको लग रहा है कि आप ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम की ओर बढ़ रही हैं तो अपने स्किन केयर रूटीन को सरल बनाएं। ऐसे में सैंडविच मेथड (मॉइश्चराइजर–रेटिनॉइड–मॉइश्चराइजर) बेहद फायदेमंद साबित होगा। यह तरीका रेटिनॉइड की प्रभावशीलता बनाए रखते हुए त्वचा में होने वाली जलन को कम करता है, क्योंकि मॉइश्चराइजर त्वचा पर एक सुरक्षा परत बना देता है। साथ ही किसी भी नए प्रोडक्ट को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। संतुलित देखभाल स्वस्थ, शांत और दमकती त्वचा की असली कुंजी है।

विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें