महिलाओं को खूबसूरत बनाने में सबसे पहला हाथ उनके होठों पर लगे कलरफुल लिप कलर्स का होता है। अगर किसी महिला से पूछा जाएं कि वो अपने कैरी बैग में मेकअप से जुड़ी सबसे पहली चीज क्या रखना चाहेंगी तब भी उनका जवाब होगा कि उनकी पसंदीदा लिपस्टिक।
लेकिन एनवायर्नमेंटल हेल्थ परिप्रेक्ष्य के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन की इस रिर्पोट को पढ़ने के बाद शायद आप अपनी इस जहरीली दोस्त को अलविदा कर देंगी।
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त्वचा रोग
लिपस्टिक और लिप ग्लॉस के 32 प्रमुख ब्रांडों पर किए गए हाल में किए परीक्षणों से यह बात समाने आई है कि इनमें सीसा, कैडियम, क्रोमियम, एल्यूमिनियम और पांच अन्य घातक धातु पाए गए हैं।इस शोध के परिणामों में बताया गया है कि सामान्य तौर पर लिपस्टिक का प्रयोग करने वाले लोगों को त्वचा रोग हो सकते हैं।
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- फोटो : demo pic
किडनी फेल
बोस्टन विश्वविद्यालय के ताजा शोध में पाया गया है कि लिपस्टिक में लीड, निकल, आरसेनिक और कॉपर जैसी धातुओं का इस्तेमाल होता है। लिपस्टिक लगाने वाली महिलाओं के खाने पर अक्सर लिपस्टिक लग जाती है। ऐसे में खाने के साथ लिपस्टिक में मौजूद केमिकल शरीर में चले जाते है। जिसकी वजह से यह शरीर के अंदरूनी अंगों को पूरी तरह से डेमेज भी कर सकती है। इसमें काफी मात्रा में कैडमियम पाया जाता हैं, जिससे गुर्दे के खराब होने के खतरा बढ़ जाता है।
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cancer
कैंसर
कॉपर का प्रयोग ज्यादा होने से त्वचा रोगों से लेकर कैंसर तक हो सकता है। दिल्ली इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च ने भी माना है कि सौंदर्य प्रसाधनों में हानिकारक कैमिकल हो सकते हैं जो त्वचा के रोगों को न्यौता देते हैं।