गर्मियों में त्वचा को सनबर्न से बचाने के लिए सनस्क्रीन लोशन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है त्वचा के हिसाब से सही सनस्क्रीन की पहचान और उसे लगाने के सही तरीके की जानकारी।
अगर आप अपने लिए परफेक्ट सनस्क्रीन लोशन की तलाश में हैं तो ये पांच उपाय आपके लिए जरूर मददगार होंगे।
1. सन प्रोटेक्शन फैक्टर यानी एसपीएफ
सनस्क्रीन चुनते वक्त सबसे जरूरी है उसमें मौजूद सन प्रोटेक्शन फैक्टर यानी एसपीएफ की मात्रा की जानकारी लेना। अधिकतर डर्मोटोलोजिस्ट, यहां तक कि अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मोटोलॉजी के एक्सपर्ट भी मानते हैं कि कम से कम एसपीएफ 15 की मात्रा वाले सनस्क्रीन तो होने ही चाहिए।
बढ़ती गर्मी और प्रदूषण के वातावरण पर असर को देखते हुए हमारे लिए एसपीएफ 15 से लेकर एसपीएफ 30 वाले सनस्क्रीन लोशन प्रभावी होते हैं।
2. यूवीए और यूवीबी
कोई भी अच्छा सनस्क्रीन लोशन सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों- यूवीए और यूवीबी, दोनों से त्वचा को बचाता है। आप जब भी सनस्क्रीन खरीदें हमेशा जांच लें कि उसके लेबल पर यूवीए और यूवीबी प्रोटेक्शन या फिर 'बोर्ड स्पेक्ट्रम' छपा है या नहीं। यह न सिर्फ सनबर्न बल्कि त्वचा के कैंसर से भी बचाने में मदद करता है।
3. वाटरप्रूफ और वाटर रेजिस्टेंट
बाजार में अब वाटरप्रूफ और वाटर रेजिस्टेंट सनस्क्रीन लोशन भी उपलब्ध हैं जो पानी से चेहरा धोने के बाद भी कारगर होते हैं। कोई भी अच्छा वाटरप्रूफ सनस्क्रीन पानी के भीतर भी लगभग 80 मिनट तक प्रभावी होगा जबकि वाटर रेजिस्टेंस सनस्क्रीन पानी में भी 40 मिनट तक कारगर रहते हैं।
4. त्वचा के अनुसार सनस्क्रीन
अधिकतर लोगों की शिकायत होती है कि सनस्क्रीन लगाने के बाद उनका त्वचा बहुत ऑयली हो जाती है इसलिए वे सनस्क्रीन नहीं लगाते। त्वचा ऑयली तो होगी ही अगर आप उसके हिसाब से सनस्क्रीन नहीं चुनेंगे।
ऑयली त्वचा के लिए ऑयल कंट्रोल व जेल बेस्ड सनस्क्रीन लोशन सही होते हैं जबकि ड्राइ त्वचा के लिए मॉश्चयराइजर बेस्ड सनस्क्रीन लोशन सही माने जाते हैं।
5. कब लगाते हैं सनस्क्रीन
सही सनस्क्रीन की पहचान जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी यह भी है कि आप सनस्क्रीन लोशन लगाते कब है। धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाने से ही फायदा मिलता है।