लाख कोशिशों के बाद भी चेहरे के मुहांसे हैं कि जाते ही नहीं। किशोरावस्था की दहलीज पर हर किसी के लिए मुहांसे बड़ी समस्या हैं लेकिन इसकी वजहें और रोकथाम के उपाय जानकर इससे थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है।
किशोरावस्था में मुहांसों की समस्या का उपचार इसलिए भी जरूरी है कि शरीर में हार्मोनल बैलेंस बना रहे और आगे चलकर इनके निशान परेशानी का सबब न हो। जानिए टीनेज में मुहांसे की क्या वजह है और इसे कैसे रोक सकते हैं।
क्यों होते हैं मुहांसे
किशोरावस्था में मुहांसों की सबसे बड़ी वजह है शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव। इस उम्र में शरीर में एंड्रोजन नामक हार्मोन बनना शुरू हो जाता है जिससे मुहांसे होते हैं।
लड़कों में किशोरावस्था में ही टेस्टोस्टेरोन तेजी से बनते हैं जिसकी वजह से जिसकी वजह से उनके भीतर कई तरह के शारीरिक बदलाव होते हैं। इस दौरान ही उन्हें मुहांसे अधिक होते हैं। लड़कियों में एस्ट्रोजन के बैलेंस के लिए एंड्रोजन का निर्माण तेजी से होता है जिसकी अधिकता न सिर्फ मुहांसे बल्कि चेहरे पर बाल की समस्या भी दे सकती है।
हार्मोनल बदलाव की वजह से शरीर के ऑयल ग्लैंड्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं जिससे त्वचा अधिक तैलीय होती है और मुहांसे की दिक्कत होती है।
ऐसे करें रोकथाम
अमूमन हार्मोनल बदलाव के कारण किशोरावस्था में होने वाले मुहांसे अपने आप उम्र के साथ-साथ खत्म हो जाते हैं लेकिन अगर ये अधिक होते हैं तो इनका डॉक्टरी इलाज जरूरी है क्योंकि ये किसी हार्मोनल असंतुलन या समस्या का संकेत हो सकते हैं।
कुछ सावधानियां बरतकर भी आप इनसे थोड़ी राहत जरूर पा सकते हैं। मसलन,
- मुहांसों को हाथ से न फोड़ें। इससे संक्रमण फैल जाता है और मुहांसे कम होने के बजाय बढ़ जाते हैं।
- बिना डॉक्टरी परामर्श के चेहरे पर मेडिकेटेड एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा रूखी हो सकती है जिससे ऑयल ग्लैंड अधिक सक्रिय हो जाते हैं।
- चेहरे को दिन में कई बार धोएं और तौलिये से सुखाएं। इससे त्वचा पर संक्रमण जल्दी नहीं होगा।
- डाइट में बहुत ऑयली और स्पाइसी चीजें कम लें।