सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति आर्मी के कपड़े पहने हुए विदेशी भाषा में कुछ बोल रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यमन के राष्ट्रपति ने कहा है कि यहूदी पहचान से जुड़ा कोई भी जहाज लाल सागर से नहीं गुजरेगा, चाहे इसके लिए उसे कितनी भी कीमत चुकानी पड़े।
यमन मिलिट्री (@YEMEN_Militar) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “#यमनी राष्ट्रपति: यहूदी इकाई से जुड़ा कोई भी जहाज लाल सागर से नहीं गुजरेगा, चाहे इसके लिए कितनी भी कीमत चुकानी पड़े। क्या कोई अरब राष्ट्रपति यमन के राष्ट्रपति जितना बहादुर है?” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
अल अकील जवाद (@JawadAbubakar7) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “#यमनी राष्ट्रपति: यहूदी इकाई से जुड़ा कोई भी जहाज़ लाल सागर से नहीं गुजरेगा, चाहे इसके लिए कितनी भी कीमत चुकानी पड़े। क्या कोई अरब राष्ट्रपति यमनी राष्ट्रपति जितना बहादुर है?” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज का इस्तेमाल किया। यहां हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को सर्च किया। यहां से हमें '
अल मायादीन न्यूज' पर यह वीडियो मिला जिसे 7 जनवरी 2024 में पोस्ट किया गया था।
इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था “अल-मशात: इस्राइली कब्जे से जुड़ा कोई भी जहाज “लाल सागर को पार नहीं करेगा।”
इसके विवरण देते हुए बताया गया था “यमन में सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के प्रमुख महदी अल-मशात ने कहा कि अमेरिकियों द्वारा यमन की नौसेना बलों को निशाना बनाए जाने पर प्रतिक्रिया जरूरी है। उन्होंने अमेरिका से इसमें शामिल लोगों को सौंपने का आह्वान किया और लाल सागर को पार करने वाले किसी भी इस्राइली जहाज पर प्रतिबंध के बारे में फिर से कहा।”
आगे सर्च करने पर हमें पता चला कि 2022 से यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी हैं। वहीं वीडियो में दिख रहा व्यक्ति महदी अल-मशात है जो यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के अध्यक्ष हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो 11 महीने पुराना है और वीडियो में यमन के राष्ट्रपति नहीं है।