सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स दूसरे व्यक्ति को पिटते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो छत्तीसगढ़ का है, जहां पुलिस ने गाय से भरी ट्रक जाने दिया और पीछा कर रहे गो- रक्षकों को पकड़ कर थाने में डाल दिया। इस कारण से विधायक पुलिसवाले को पीट रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो दो अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा है, जिन्हें एक में मर्ज करके शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में गो-रक्षक को पकड़ने के कारण से विधायक ने पुलिस को पिटा है।
आर्य पांडे (@Arya909050) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “छत्तीसगढ़ का कौन शेर विधायक है ये जिसने थाने में घुसकर पुलिसिये को थपड़ा दिया ?दरअसल गायों से भरा ट्रक पुलिसवालों ने जाने दिया और पीछे से आ रहे गौ-रक्षकों को पकड़ कर थाने में डाल दिया. तब विधायक जी सन्नी पाजी की तरह आए।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें टीवी9 माराठी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 13 अगस्त 2024 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल वीडियो से जुड़ी शुरुआती क्लिप देखने को मिली।
इसके बाद हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 अगस्त 2024 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वाभिमानी शेतकारी संगठन की युवा शाखा के अध्यक्ष मंगलवार को जालना जिले के जाफराबाद तहसील के वरुद बुद्रुक गांव में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजर को थप्पड़ मारते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। बोर्डे ने आरोप लगाया कि बैंक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और विधवाओं सहित अन्य लोगों को देने को अनिच्छुक है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बोर्डे और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया मंगलवार देर रात तक जारी थी। मंगलवार सुबह रिकॉर्ड किए गए वीडियो में, बोर्डे एक किसान को सरकारी योजना का लाभ न देने पर बैंक मैनेजर से जवाब मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो के दूसरे हिस्सों की पड़ताल की। इस दौरान हमें हरियाणा तक की एक रिपोर्ट मिली है। यह रिपोर्ट 17 अप्रैल 2025 प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पानीपत में पुलिसवालों को गो-रक्षकों से पंगा लेना महंगा पड़ गया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी लोकेंद्र सिंह ने दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और एक एसपीओ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा एचकेआरएन के तहत ड्राइवर पर भी कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र लिख दिया है।
आगे की पड़ताल में हमें न्यूज 18 की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 17 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हरियाणा के पानीपत जिले में गोरक्षक के साथ मारपीट और चोटी पकड़कर घसीटने वाले 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसपी लोकेंद्र सिंह ने शिकायत मिलने के 10 घंटे के भीतर ही 2 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा, एक एचपीओ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे ड्राइवर को पुलिस से हटाकर संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो दो अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर बनाया गया है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को दो अलग-अलग घटनाओं का पाया है। इस वीडियो का छत्तीसगढ़ से कोई संबंध नहीं है।