सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की एक रैली निकलती नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कर्नाटक के सेदम का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के नागपुर का है। वीडियो पांच महीने पुराना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कर्नाटक के सेदम में आरएसएस की रैली का है।
न्यूज एरिना इंडिया (@NewsArenaIndia) नाम के एक्स यूजर ने लिखा ”1,500 आरएसएस स्वयंसेवकों ने अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कर्नाटक के सेदम में रैली निकली।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें
Eminent Intellectual नाम के एक्स यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो से संबंधित वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 25 मई 2025 को साझा किया गया है।

आगे की पड़ताल में हमें समाचार एजेंसी एएनआई के एक्स अकाउंट पर वीडियो मिला। यह वीडियो में 25 मई 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने नागपुर में रूट मार्च निकाला।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो पांच महीना पुराना महाराष्ट्र का है।
इसके बाद हमें डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 20 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सेदम में अपना रूट मार्च जारी रखा। तहसीलदार ने शहर में कानून-व्यवस्था की समस्या का हवाला देते हुए अंतिम समय में इसकी अनुमति नहीं दी थी।

नीचे दिए गए तस्वीर में आप वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट में नजर आ रहे समानताएं देख सकते हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को महाराष्ट्र का पाया है। इस वीडियो का कर्नाटक से कोई संबंध नहीं है।