देश में इस वक्त लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। अब तक लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया के चार चरण पूरे हो चुके हैं। वहीं बाकी तीन चरणों के लिए मतदान 20 मई से 1 जून के बीच होने हैं। जिन सीटों पर चुनाव होने हैं, वहां तमाम सियासी दल प्रचार में जुटे हैं। इस चुनावी सरगर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है। पोस्ट के जरिए दावा किया गया है कि उन्हें राष्ट्रीयकरण का मतलब नहीं पता है। वीडियो में ऊपर से जोड़े गए टेक्स्ट में लिखा है, ”भाई को राष्ट्रीयकरण का मतलब नहीं पता। ये तो बहुल मुश्किल होगा।”
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पूरा वीडियो देखने पर न्यूजचेकर ने पाया कि दर्शकों के बीच हो रहे शोर के कारण उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति में राहुल गांधी ने कई अन्य सवालों को भी दोहराने के लिए कहा था। राष्ट्रीयकरण विषय से जुड़े सवाल के दौरान भी वे संचालक से इसे दोहराने के लिए कहते हैं, जिसके बाद वे संस्थानों के राष्ट्रीयकरण और निजीकरण पर अपना जवाब देते हैं। लेकिन वायरल क्लिप में जवाब वाला हिस्सा काटकर भ्रामक दावा किया गया है।
Fact Check/Verification
वीडियो क्लिप में मंच पर ‘समृद्ध भारत’ और ‘राष्ट्रीय संविधान सम्मलेन’ लिखा नज़र आ रहा है। अब न्यूजचेकर ने ‘राहुल गांधी’, ‘समृद्ध भारत’ और ‘राष्ट्रीय संविधान सम्मलेन’ की-वर्ड्स को गूगल पर सर्च किया। परिणाम में मिली रिपोर्ट्स में दी गयी जानकारी के अनुसार राहुल गांधी शुक्रवार, 10 मई 2024 को लखनऊ में सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित ”राष्ट्रीय संविधान सम्मलेन” में शामिल हुए थे।
जांच के दौरान न्यूजचेकर को राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 10 मई 2024 को इस कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीम हुआ वीडियो मिला। वीडियो में 47:50 मिनट पर भाषण खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने लोगों से अपने-अपने सवाल पूछने के लिए कहा। इसके बाद न्यूजचेकर ने पाया कि दर्शकों की तरफ से शोर आना शुरू हो जाता है। पहला सवाल पूछने वाले व्यक्ति को राहुल गांधी दर्शकों में खोजते हैं और बार-बार पूछते हैं – ”किधर हैं?” न्यूजचेकर ने पाया कि माइक में खराबी के कारण सवाल पूछ रहे व्यक्ति की आवाज स्पष्ट नहीं होती है, जिसके चलते राहुल गांधी उसे सवाल दोहराने के लिए कहते हैं।
49:40 मिनट पर पूछे गए अगले सवाल पर भी राहुल गांधी सवाल ना सुनाई देने के भाव के साथ सवाल दोहराने की अपील करते दिखते हैं।
आगे 51:20 मिनट से 52:00 मिनट के बीच दो अलग माइक से दो लोगों की आवाजें सुनाई देती हैं। एक व्यक्ति निजीकरण से जुड़ा सवाल पूछता है, वहीं दूसरे माइक से ”हेलो-हेलो”’, ”राहुल जी” की आवाज आती रहती है। इस असमंजस के बीच 51:56 मिनट पर वायरल क्लिप वाला हिस्सा शुरू होता है। व्यक्ति सवाल पूछता है, ”जितनी संस्थाओं का निजीकरण किया गया है क्या उनका राष्ट्रीयकरण किया जायेगा?” इसके बाद राहुल गांधी मंच पर खड़ी संचालिका से पूछते हैं ”राष्ट्रीय.. क्या?” जवाब में महिला कहती हैं ”निजीकरण को वापस करा जाएगा?” सवाल पूछ रहा व्यक्ति भी एक बार फिर दोहराता है ”जितनी संस्थाओं को मोदी जी ने बेच दिया है, क्या उन संस्थानों का फिर से राष्ट्रीयकरण होगा?”
राहुल गांधी जवाब में कहते हैं ”नहीं, ये तो मुश्किल होगा .. मगर ये जो बलेटेन्ट (खुला) प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है। जो रेलवेज का डिस्कशन चल रहा है। जो बाकी बड़ी-बड़ी संस्थाओं का डिस्कशन चल रहा है। ये बलेटेन्ट प्राइवेटाइजेशन हम अलाऊ नहीं करेंगे। हमारी फिलॉसफी ये है कि सरकार का शिक्षा में, स्वास्थ्य में रोल होना चाहिए। उस रोल को हम बचाएंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे।”
इस कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीम हुआ वीडियो इंडियन नेशनल कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और राहुल गांधी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी देखा जा सकता है।
Conclusion
जांच से न्यूजचेकर इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि राहुल गांधी का क्लिप्ड वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
Result: Missing Context
(This story was originally published by Newschecker as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)