सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक साक्षात्कार देते नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंदिरा गांधी से पत्रकार ने आपातकाल से संबंधित सवाल पूछा था, वह जवाब नहीं दे पाई थीं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंदिरा गांधी से पत्रकार ने आपातकाल से संबंधित सवाल पूछा तो वो उसका जवाब नहीं दे पाई थीं।
अरुण यादव (@BeingArun28) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”इस सवाल पर 'मैडम' के पास कोई जवाब नहीं था!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें इस वीडियो से जुड़ी अन्य पोस्ट मिली, जिसमें इसे एआई से बने होने की बात कही गई है।
इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में हमें कई विसगतियां नजर आई। जैसे वीडियो की क्वालिटी काफी ज्यादा थी, जो आमतौर सामान्य वीडियो में देखने को नहीं मिलती। इसके बाद हमें एक कीफ्रेम में इंदिरा गांधी के चेहेर के हाव- भाव एकदम स्थिर हो जाते हैं। यह भी सामान्य वीडियो में देखने को नहीं मिलता है। वीडियो की पड़ताल के लिए हमने हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो के 99.9 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।

आगे की पड़ताल में हमने डीकॉपी एआई टूल पर सर्च किया। इस टूल ने भी वायरल वीडियो को 47 फीसदी एआई से बना पाया।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।