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Fact Check: अजमेर में क्षतिग्रस्त मंदिर को गिराने के वीडियो को शेयर करके किया जा रहा भ्रामक दावा, पढ़ें सच

Sat, 30 Aug 2025 01:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अजमेर में एक मंदिर को तोड़ दिया गया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जेसीबी की मदद से एक मंदिर को गिराया जा रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अजमेर में मस्जिद की वजह से मंदिर को तोड़ दिया गया है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया गया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि अजमेर में तेज बारिश के कारण राधाकृष्ण मंदिर की छत का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद प्रशासन ने स्थानीय लोगों की सहमति और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अजमेर में मस्जिद की वजह से  मंदिर को गिरा दिया गया।
लाडला दीपक नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “अजमेर मस्जिद के आड़े आया मंदिर तोड़ दिया”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें न्यूज 18 राजस्थान की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अजमेर में भारी बारिश के कारण एक 50 साल पुराने मंदिर का हिस्सा गिर गया। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मंदिर को ढहा दिया। ढहाने से पहले मंदिर से सभी मूर्तियां सावधानीपूर्वक हटा ली गईं। 

इसके बाद हमें एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय नगर निगम प्रशासन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालूसर रोड पर स्थित यह शिव मंदिर पहले से ही जर्जर स्थिति में था और पिछली बारिश के दौरान भी इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।  शनिवार सुबह बारिश के चलते मंदिर की स्थिति और खराब हो गई, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से नगर निगम ने तत्काल एक्शन लेते हुए जेसीबी की सहायता से मंदिर को ध्वस्त करवा दिया।

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अजमेर में शनिवार सुबह से जारी तेज बारिश के चलते वार्ड संख्या 19 की कृष्ण कन्हैया कॉलोनी में स्थित राधाकृष्ण मंदिर की छत का एक हिस्सा भरभराकर पास ही स्थित मलुसार बावड़ी में गिर गया। इसके बाद से स्थानीय लोगों की सहमति और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम ने मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में पाया कि मंदिर का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण से गिर गया। इसके कारण से ही प्रशासन ने पूरी मंदिर को ध्वस्त किया। 

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